फ्रांस में एक भारतीय साफ्टवेयर इंजीनियर अल कायदा से संबंध होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। माना जाता है कि वह युवकों को जेहाद के लिए फुसलाकर, उन्हें आतंकवादी संगठन में शामिल होने के लिए प्रेरित करता था। करीब 6 महीने पहले ही वह अपनी मां को देखने भारत भी आया था। तब भारतीय गुप्तचरों ने भी उस पर निगाह रखी थी, लेकिन उन्हें वह संदिग्ध नहीं लगा।
तमिलनाडु के मदुरई का रहने वाला मोहम्मद नियाज पिछले कुछ सालों से आतंकवादी संगठनों के लिए काम कर रहा है। वह पाकिस्तान भी अक्सर जाता रहा है, जहां उसके शिया मुस्लिम विरोधी संगठन जुनैदुल्ला से संबंध बताए गए हैं। इस संगठन को अमेरिका ने आतंकवादी संगठन घोषित किया है।
नियाज फ्रांस में कई सालों से सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम कर रहा है। उसके पास भारतीय पासपोर्ट है और 6 महीने पहले वह भारत भी आया था और करीब एक महीने रुका था। माना जा रहा है कि भारतीय अधिकारियों ने भी इस बार उस पर नजर रखी। लेकिन उन्हें इसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं दिखाई दिया। हालांकि वह दक्षिण भारत के कई स्थानों पर गया, लेकिन भारतीय एजेंसियों को लगा कि वह केवल अपनी मां को देखने आया है। फ्रांस में उसे हिरासत में लिया गया है। जानकारी के अनुसार भारतीय एजेंसियां पहले फ्रांस की पुलिस को पूछताछ करने का मौका देने के बाद, फिर नियाज से पूछताछ की कोशिश करेंगीं। अभी तक की जानकारी के अनुसार नियाज के पिता सरकारी नौकरी में थे, जिसे छोड़कर वे किसी मध्य पूर्वी देश में जाकर नौकरी कर रहे हैं। उसकी मां मदुरई में ही रहती है। फ्रांस में सुरक्षाकर्मियों का मानना है कि वह आतंकवादी संगठनों के लिए भर्ती अभियान चलाता रहा है। फ्रांस पुलिस ने 6 दूसरे आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। उन्हीं ने नियाज के बारे में जानकारी दी। लेकिन वह अल्जीरिया गया हुआ था और जब वह लौटा तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पिछली कराची यात्रा के दौरान नियाज एक और आतंकवादी संगठन जुनैदुल्ला के संपर्क में आया। यह संगठन अल कायदा से जुड़ा हुआ है। यह संगठन ईरान विरोधी मुहीम चलाता रहा है। इसके प्रमुख नेता अब्दोलमलक रेगी को गिरफ्तार कर, पिछले साल मौत की सजा दी गई थी। नियाज दूसरा भारतीय है, जिसे आतंकवाद से जुड़े होने के कारण विदेश में हिरासत में लिया गया है। इसके पहले मुंबई के रोशन जमाल खान को 2008 में स्पेन के बार्सिलोना की एक मस्जिद से गिरप्तार किया गया था। उसे 6 साल की जेल की सजा हुई। हालांकि खान का परिवार सभी आरोपों से इंकार करता है।
तमिलनाडु के मदुरई का रहने वाला मोहम्मद नियाज पिछले कुछ सालों से आतंकवादी संगठनों के लिए काम कर रहा है। वह पाकिस्तान भी अक्सर जाता रहा है, जहां उसके शिया मुस्लिम विरोधी संगठन जुनैदुल्ला से संबंध बताए गए हैं। इस संगठन को अमेरिका ने आतंकवादी संगठन घोषित किया है।
नियाज फ्रांस में कई सालों से सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम कर रहा है। उसके पास भारतीय पासपोर्ट है और 6 महीने पहले वह भारत भी आया था और करीब एक महीने रुका था। माना जा रहा है कि भारतीय अधिकारियों ने भी इस बार उस पर नजर रखी। लेकिन उन्हें इसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं दिखाई दिया। हालांकि वह दक्षिण भारत के कई स्थानों पर गया, लेकिन भारतीय एजेंसियों को लगा कि वह केवल अपनी मां को देखने आया है। फ्रांस में उसे हिरासत में लिया गया है। जानकारी के अनुसार भारतीय एजेंसियां पहले फ्रांस की पुलिस को पूछताछ करने का मौका देने के बाद, फिर नियाज से पूछताछ की कोशिश करेंगीं। अभी तक की जानकारी के अनुसार नियाज के पिता सरकारी नौकरी में थे, जिसे छोड़कर वे किसी मध्य पूर्वी देश में जाकर नौकरी कर रहे हैं। उसकी मां मदुरई में ही रहती है। फ्रांस में सुरक्षाकर्मियों का मानना है कि वह आतंकवादी संगठनों के लिए भर्ती अभियान चलाता रहा है। फ्रांस पुलिस ने 6 दूसरे आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। उन्हीं ने नियाज के बारे में जानकारी दी। लेकिन वह अल्जीरिया गया हुआ था और जब वह लौटा तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पिछली कराची यात्रा के दौरान नियाज एक और आतंकवादी संगठन जुनैदुल्ला के संपर्क में आया। यह संगठन अल कायदा से जुड़ा हुआ है। यह संगठन ईरान विरोधी मुहीम चलाता रहा है। इसके प्रमुख नेता अब्दोलमलक रेगी को गिरफ्तार कर, पिछले साल मौत की सजा दी गई थी। नियाज दूसरा भारतीय है, जिसे आतंकवाद से जुड़े होने के कारण विदेश में हिरासत में लिया गया है। इसके पहले मुंबई के रोशन जमाल खान को 2008 में स्पेन के बार्सिलोना की एक मस्जिद से गिरप्तार किया गया था। उसे 6 साल की जेल की सजा हुई। हालांकि खान का परिवार सभी आरोपों से इंकार करता है।

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