भट्टा परसौल पर राजनीति एक बार फिर उस समय गरमा गई जब रविवार को भट्टा परसौल जाने की कोशिश में कांग्रेस नेता सचिन पायलट को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, हालांकि कुछ देर बाद उन्हें छोड़ दिया गया। वह किसानों से मिलने के लिए वहां जा रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ग्रेटर नोएडा में जमकर हंगामा किया और परी चौक पर जाम लगा दिया।
केंद्र सरकार ने भट्टा परसौल में मारे गए लोगों तथा घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारवालों को केंद्र की तरफ से 50-50 हजार रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। भट्टा परसौल में हुई ज्यादतियों को लेकर राहुल गांधी के नेतृत्व में किसानों का एक दल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिला था। कांग्रेस पार्टी पहले ही इस मामले की न्यायिक जांच कराए जाने की मांग कर चुकी है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी शनिवार को भट्टा परसौल में महिलाओं के खिलाफ हुई हिंसा की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। महिला आयोग ने यह भी कहा था कि गांव में बलात्कार की घटनाएं हुई हैं, इसलिए इसकी जांच एक स्वतंत्र एजेंसी से होनी चाहिए। लेकिन महिला आयोग का यह दावा उस वक्त कमजोर पड़ गया जब महिलाओं से संबंधित एक और संगठन AIWA ने बलात्कार जैसी घटनाओं के होने को खारिज कर दिया।

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