
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न होते ही तेल कंपनियों ने शनिवार मध्यरात्रि से पेट्रोल के दाम पांच रुपये लीटर बढ़ा दिए। यह एक ही झटके में होने वाली अब तक की सबसे ऊंची मूल्यवद्धि है। सरकारी शिकंजे से मुक्त होने के बावजूद तेल कंपनियों ने जनवरी के बाद से पेट्रोल के दाम नहीं बढ़ाए थे। हालांकि, इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम पिछले ढाई साल के उच्चस्तर पर पहुंच गए।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल कापरेरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड ने शनिवार मध्यरात्रि से पेट्रोल के दाम 4.99 रुपये से लेकर 5.01 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए। दिल्ली में फिलहाल पेट्रोल का दाम 58.37 रुपये लीटर है। सरकार ने पिछले साल जून में ही पेट्रोल कीमतों को खुला छोड़ दिया था, लेकिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार की तरफ से अनौपचारिक निर्देश के चलते जनवरी से तेल कंपनियों ने इसके दाम नहीं बढाए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम जिस तेजी से बढ़े हैं उसके हिसाब से खुदरा बाजार में पेट्रोल के दाम 9.50 से 10 रुपये लीटर तक बढ़ने चाहिए लेकिन फिलहाल तेल कंपनियों ने इसके आधे पर ही मूल्य वृद्धि करने का फैसला किया है। कुछ दिनों बाद फिर दाम बढ़ाए जा सकते हैं।
1 टिप्पणी:
ho gai chunav ab chukao kimat
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