काले धन और भ्रष्टाचार को लेकर केंद्र सरकर पर वार पर वार किये जा रहे बाबा रामदेव पर भी जल्द ही काले धन की छींटें पड़ सकती हैं। यह छींट उन पर तब पड़ेगी, जब वो मद्य प्रदेश के बैतूल जिले जायेंगे। बाबा रामदेव को इसकी खबर है या नहीं, लेकिन उनके गुर्गे इस बात को लेकर खासे तनाव में हैं। क्योंकि उनके स्वागत समारोह के लिए जो धन इकठ्ठा किया गया वो सफेद नहीं है।
बैतूल में पुलिस ग्राऊण्ड पर योग दीक्षा एवं स्वाभीमान ट्रस्ट की जनजागरण आमसभा को सम्बोधित करने आ रहे बाबा रामदेव से प्रेस की दूरिया इसलिए बना रखी ताकि बैतूल जिले में बाबा के नाम पर किए गए अनाप-शनाप चंदे के धंधे की पोल न खुल जाए।
बैतूल जिले में बाबा के नाम पर जिले के कालाबाजारियों से लेकर उन सभी लोगो से जबरदस्त चंदा ऊगाही की गई है जिनके दो नम्बर के धंधे है या फिर जिले के बहुचर्चित भ्रष्ट्राचारी के रूप में जाने जाते रहे हैं। बाबा रामदेव के नाम पर पूरी दुकानदारी सेल टैक्स के नामचीन वकील द्वारा की गई हैं। वैसे भी पूरे जिले में विवादो से घिरे बाबा के बैतूल जिले के इस ठेकेदार पर जिले में बाबा की दुकानदारी की आड में ऐसे अनैतिक कार्यो को संपादित किया जा रहा है जिसकी भनक बाबा के निकटवर्ती लोगो को नहीं हैं। बाबा रामदेव के स्वागत सत्कार के जितने भी बैनर पोस्टर लगे हुए हैं वे सब अपने आप में किसी न किसी मामले को लेकर सुर्खियों में रहे है। बाबा का पूरा कार्यक्रम का भगवाकरण, भाजपाईकरण, भ्रष्ट्राचारीकरण, लूटखसोट करण, वनमैन शो करके बाबा की छवि को धूल ध्वसरीत करने का प्रयास किया जा रहा हैं।
आने वाले 4 जून को बाबा दिल्ली में कालेधन को लेकर सत्याग्रह करने जा रहे है लेकिन बाबा को पता नहीं कि उनके कार्यक्रम के तथाकथित कर्ता धर्ता एवं स्वागतकर्ता जिले में अपने कालेधन और कालेमन को लेकर ही जाने एवं पहचाने जाते हैं। बाबा रामदेव को अग्नि परीक्षा के दौर में अपने लोगो के चलते सीता से भी कठीन परीक्षा देनी पड़ सकती है, क्योकि जिस दिन कांग्रेस बाबा की पोल खोलना शुरू कर देगी उस दिन बैतूल का भी जिक्र होना स्वभाविक हैं।

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