इंडोनेशिया की एक अदालत ने कट्टरपंथी धर्म गुरु अबू बकर बशीर को चरमपंथी कार्रवाईयों में शामिल होने का दोषी क़रार दिया है. अदालत ने उन्हें इस्लामी चरमपंथी गुट को संगठित करने और उसके लिए पैसे जुटाने का दोषी पाया है और 15 साल की सज़ा सुनाई है. अभियोजन पक्ष ने अदालत से अबू बकर बशीर को उम्र क़ैद की सज़ा देने की मांग की थी.
बहत्तर साल के अबू बकर बशीर पर आरोप था कि उन्होंने इंडोनेशिया के पश्चिमी प्रांत एचे में चरमपंथी प्रशिक्षण शिविर क़ायम करने में मदद की और उसके लिए पैसे भी मुहैया कराए थे. यह चरमपंथी संगठन कथित रूप से इंडोनेशियाई और पश्चिमी नेताओं पर हमले की योजना बना रहा था. बशीर ने प्रशिक्षण शिविर स्थापित करने के आरोप को ख़ारिज किया है, लेकिन उन्होंने हमेशा से यही कहा है कि उनके अनुसार ऐसा करना इस्लाम धर्म में ग़ैर क़ानूनी नहीं है.
बशीर पिछले 40 साल से इंडोनेशिया में अतिवादी इस्लामी संगठनों से जुड़े हुए हैं. पिछले कुछ सालों में उन्हें कई बार गिरफ़्तार किया गया, जेल भेजा गया और फिर छोड़ दिया गया. 2002 में उन्हें बाली बम धमाकों से जुड़े होने के आरोप में दो साल की सज़ा सुनाई गई थी जिसे बाद में पलट दिया गया था. बशीर के प्रवक्ता हाशिम अब्दुल्लाह ने कहा कि अबु बकर बशीर कड़ी से कड़ी सज़ा भुगतने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें अपने धार्मिक कामों से रोकने के लिए अदालत ने जानबूझकर फ़ैसला सुनाया है. इंडोनेशिया के आतंक विरोधी दस्ते ने बशीर को पिछले साल अगस्त में गिरफ़्तार किया था

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