समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीएमओ हत्याकांड में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और परिवार कल्याण मंत्री पर संदेह जताया। श्री यादव ने कहा कि मामले में दोनों मंत्रियों की भूमिका संदिग्ध है। सपा ने राज्यपाल से मांग की कि दोनों मंत्रियों को गिरफ्तार करने के साथ राज्य सरकार को बर्खास्त करें।
सपा ने परिवार कल्याण विभाग के उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी योगेन्द्र सिंह सचान की बुधवार को लखनऊ जेल में हुई संदिग्ध मौत को हत्या करार दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि डा. सचान ने खुदकुशी नहीं की, उनकी हत्या की गयी है। डा. सचान के शरीर पर चोट के निशान हैं। उन्होंने दोहराया कि सीबीआई जांच से ही पूरा सच सामने आ पाएगा। उन्होंने सवाल किया आखिर जेल में डा.सचान के पास बेल्ट और ब्लेड कहां से आयी। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका पर सवालिया निशान लगा दिए। श्री यादव ने कहा कि बाबू सिंह कुशवाहा और अनंत कुमार मिश्र भी कहीं न कहीं इस मामले में शामिल हैं।
श्री कुशवाहा परिवार कल्याण और श्री मिश्र चिकित्सा शिक्षा मंत्री थे। उन्होंने राज्य के विशेष पुलिस महानिदेशक बृजलाल का नाम लिये बगैर कहा कि वह परिवार कल्याण विभाग के दो मुख्य चिकित्सा अधिकारियों डा. विनोद आर्या और डा. बी.पी. सिंह की हत्या के मामले में बार-बार बयान बदलकर असली अपराधी को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। सपा के प्रदेश अध्यक्ष ने राज्यपाल बी.एल.जोशी से मांग की कि मुख्यमंत्री मायावती को तत्काल बर्खास्त करें। श्री यादव ने कहा कि उच्चतम न्यायालय को इस घटना का स्वत संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।

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