क्या आपने कभी किसी को अपने घर में अंतिम संस्कार करते हुए देखा है। जी हां यह सच है। सीतामढ़ी जिला मुख्यालय डुमरा से सटे परोहा पंचायत का एक ऐसा गांव है, जहां लोग अपनी जमीन पर ही अंतिम संस्कार करते हैं।
सदियों पहले शुरू हुई यह परंपरा यहां अब भी कायम है। दरअसल लोगों का मानना है कि ऐसा करने से मृतक की आत्मा को शांति मिलेगी। अपनी जमीन पर अंतिम संस्कार करने की परंपरा कब से शुरू हुई। इसकी सही जानकारी किसी के पास नहीं है।
एक हजार आबादी वाले इस गांव में ज्यादातर लोग खेती पर ही निर्भर हैं। अधिकतर लोग मजदूर तबके के हैं, मगर उनके पास थोड़ी-बहुत अपनी जमीन है। यहां शिक्षा का प्रतिशत काफी निम्न था, लेकिन धीरे-धीरे लोगों में जागृति आई है। चार साल पहले गांव में प्राथमिक विद्यालय खुलने से अब बच्चे स्कूल जा रहे हैं।

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