बाबा रामदेव की मुश्किलें बढ़ती लग रही हैं। सुप्रीम कोर्टने सोमवार को दिल्ली पुलिस के हलफनामे पर विचारकरते हुए भारत स्वाभिमान ट्रस्ट को नोटिस भेजा है, जिसमें दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट का जवाब देने का निर्देशदिया गया है। बाबा रामदेव भारत स्वाभिमान ट्रस्ट कासंचालन करते हैं।
कोर्ट ने बाबा रामदेव के ट्रस्ट से यह भी पूछा है कि जबइजाजत सिर्फ योग शिविर के लिए दी गई थी तोरामलीला मैदान का इस्तेमाल अनशन के लिए क्यों कियागया? इस मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पी. सतशिवम और जस्टिस एकेपटनायक की वेकेशन बेंच ने भारत स्वाभिमान ट्रस्ट की दिल्ली ईकाई के अध्यक्ष आचार्य वीरेंद्र विक्रम को नोटिसभेजा है। 4 जून की रात दिल्ली के रामलीला मैदान में योग गुरु बाबा रामदेव और उनके समर्थकों पर हुए लाठीचार्जको लेकर दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हलफनामा दायर किया था।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में दिल्ली पुलिस ने कहा है कि रामलीला मैदान में सिर्फ 5 हजार लोगों केइकट्ठा होने की इजाजत दी गई थी। लेकिन वहां करीब 65 हजार लोग इकट्ठा हो गए थे। दिल्ली पुलिस ने अपनापक्ष रखते हुए यह भी कहा है कि रामलीला मैदान में सिर्फ योग के प्रशिक्षण की इजाजत दी गई थी। दिल्ली पुलिसका कहना है कि जब बाबा रामदेव के समर्थकों ने उन पर पत्थर और गमले फेंकने शुरू किए तभी उन्हें जवाबीकार्रवाई करनी पड़ी। 4-5 जून की रात भ्रष्टाचार और काले धन के मुद्दे पर जब बाबा रामदेव अपने समर्थकों के साथरामलीला मैदान पर अनशन पर बैठे थे। उस दौरान ही दिल्ली पुलिस के करीब 5 हजार जवानों ने अनशनकारियोंपर धावा बोला था, जिसके बाद बाबा रामदेव को देहरादून ले जाकर करके छोड़ दिया गया था।
कोर्ट ने बाबा रामदेव के ट्रस्ट से यह भी पूछा है कि जबइजाजत सिर्फ योग शिविर के लिए दी गई थी तोरामलीला मैदान का इस्तेमाल अनशन के लिए क्यों कियागया? इस मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पी. सतशिवम और जस्टिस एकेपटनायक की वेकेशन बेंच ने भारत स्वाभिमान ट्रस्ट की दिल्ली ईकाई के अध्यक्ष आचार्य वीरेंद्र विक्रम को नोटिसभेजा है। 4 जून की रात दिल्ली के रामलीला मैदान में योग गुरु बाबा रामदेव और उनके समर्थकों पर हुए लाठीचार्जको लेकर दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हलफनामा दायर किया था।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में दिल्ली पुलिस ने कहा है कि रामलीला मैदान में सिर्फ 5 हजार लोगों केइकट्ठा होने की इजाजत दी गई थी। लेकिन वहां करीब 65 हजार लोग इकट्ठा हो गए थे। दिल्ली पुलिस ने अपनापक्ष रखते हुए यह भी कहा है कि रामलीला मैदान में सिर्फ योग के प्रशिक्षण की इजाजत दी गई थी। दिल्ली पुलिसका कहना है कि जब बाबा रामदेव के समर्थकों ने उन पर पत्थर और गमले फेंकने शुरू किए तभी उन्हें जवाबीकार्रवाई करनी पड़ी। 4-5 जून की रात भ्रष्टाचार और काले धन के मुद्दे पर जब बाबा रामदेव अपने समर्थकों के साथरामलीला मैदान पर अनशन पर बैठे थे। उस दौरान ही दिल्ली पुलिस के करीब 5 हजार जवानों ने अनशनकारियोंपर धावा बोला था, जिसके बाद बाबा रामदेव को देहरादून ले जाकर करके छोड़ दिया गया था।

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