सरकार ने महंगाई की मार झेल रही जनता को एक और झटका देते हुए डीजल, रसोई गैस और पीडीएस वाले केरोसिन के दाम बढ़ा दिए हैं। डीजल का दाम 3 रुपए प्रति लीटर, रसोई गैस 50 रुपए प्रति सिलेंडर और कैरोसिन तेल के दाम में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
केंद्र सरकार में शामिल तृणमूल कांग्रेस ने डीजल, रसोई गैस और केरोसिन तेल के दाम बढ़ाने को गलत ठहराया है वहीं प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने शनिवार को देशभर में चक्का जाम का ऐलान किया है। तमिलनाडू की मुख्यमंत्री जयललिता ने दाम में बढ़ोतरी का विरोध करते हुए बढ़ी कीमतें तुरंत वापस लेने की मांग की है। वामपंथी दलों ने भी आज विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
दिल्ली में शुक्रवार शाम वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता में तेल की कीमतों पर गठित मंत्री समूह की बैठक के बाद पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने यह जानकारी दी। यह बढ़ोतरी मध्य रात्रि से लागू हो गई है। इस फैसले के बाद दिल्ली में डीजल की कीमत 44.25 रुपए प्रति लीटर की जगह 47.25 रुपए हो गई है। वहीं, मुंबई में अब डीजल की कीमत 39.85 रुपए प्रति लीटर की जगह 42.85 रुपए हो गई है।
कीमतों में ये बढ़ोतरी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के बढ़ते घाटे के मद्देनजर की गई है। तेल कंपनियों को इस समय डीजल पर प्रति लीटर 15.44 रुपए, कैरोसिन पर २७.४७ रुपए प्रति लीटर और रसोई गैस पर 38१.१४ रुपए प्रति सिलेंडर का घाटा हो रहा है। लेकिन माना जा रहा है कि कीमतों में हुई इस ताजा बढ़ोतरी के बाद इनके नुकसान की कुछ हद तक भरपाई हो जाएगी। डीजल में हुई इस बढ़ोतरी से लोगों पर दोहरी मार पड़ने वाली है। डीजल से चलने वाली गाड़ियों का इस्तेमाल करने वालों को अब यातायात के नाम पर ज्यादा रकम खर्च करनी होगी। इससे महंगाई और बढ़ेगी, क्योंकि ट्रांसपोर्टर अपनी दरों में इजाफा कर देंगे।

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