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शनिवार, 25 जून 2011

बर्ड ने धोनी का समर्थन किया.



 भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट के बाद अंपायरों को गलत फैसलों के लिए लताडने के कारण क्रिकेट जगत में एक नया विवाद खडा हो गया है। जहां कुछ लोग इसके लिए धोनी को गलत ठहरा रहे हैं तो वहीं क्रिकेट इतिहास के सबसे सम्मानित अंपायर हारोल्ड डेनिस बर्ड ने धोनी का समर्थन करते हुए उन्हें बिल्कुल सही ठहराया है।

इंग्लैंड के बर्ड ने अंपायरों को निशाना बनाने के लिए धोनी को सही बताते हुए कहा। कप्तानों को अंपायरों के फैसले पर अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है और यह खेल भावना के लिए भी अच्छी बात है। यदि कोई कप्तान हमारे निर्णय पर कोई टिप्पणी करता है तो मुझे इसमें कुछ गलत नजर नहीं आता।

 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद का कहना है कि अधिकारियों की आलोचना से खिलाडी को डांट डपट से लेकर जुर्माना तक लगाया जा सकता है। इंग्लैंड के बर्ड ने अंपायरों को निशाना बनाने के लिए धोनी को सही बताते हुए कहा। कप्तानों को अंपायरों के फैसले पर अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है और यह खेल भावना के लिए भी अच्छी बात है। यदि कोई कप्तान हमारे निर्णय पर कोई टिप्पणी करता है तो मुझे इसमें कुछ गलत नजर नहीं आता।


 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद का कहना है कि अधिकारियों की आलोचना से खिलाडी को डांट डपट से लेकर जुर्माना तक लगाया जा सकता है। पूर्व अंपायर बर्ड ने कहा, धोनी ने कुछ गलत नहीं किया तो उन पर जुर्माना क्यों लगाया जाना चाहिए। हमारे समय में क्रिकेटर खुलेआम अंपायर के फैसलों की आलोचना करते थे और हम इसे खेल भावना से लेते थे। लेकिन इन दिनों मैच रैफरी बीच में आते हैं। मैं इसके खिलाफ हूं।  हमारे समय में टेस्ट सीरीज से पहले मेहमान टीम के साथ काउंटी क्रिकेट होता था इसलिए कप्तान हम पर सीरीज से पहले टिप्पणी कर सकते थे। हम नेट पर भी उनके साथ रहते थे और इसमें मुझे कुछ गलत नजर नहीं आता, लेकिन अब ऐसा नहीं होता है।

78 वर्षीय बर्ड ने अंपायर फैसला समीक्षा प्रणाली के मामले पर कहा, खेल में कुछ मुश्किल फैसलों के लिए तकनीक की मदद लेना सही है लेकिन इसका खेल पर हावी होना गलत है। यदि खेल में तकनीक का अधिक इस्तेमाल होने लगेगा तो अंपायरों की जरूरत ही खत्म हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि यूडीआरएस के घोर विरोधी धोनी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गये पहले टेस्ट मैच में जीत के बाद कहा था कि कुछ गलत फैसलों के कारण दूसरी पारी में खुद उनके अलावा युवा बल्लेबाज विराट कोहली और सुरेश रैना को संदेहास्पद फैसलों का शिकार होकर मैदान छोडना पडा था।  उन्होंने कहा था, हालांकि भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपनी 12वीं टेस्ट जीत हासिल कर ली है लेकिन हमारी दूसरी पारी में कम से कम तीन फैसले ऐसे थे जो पूरी तरह गलत थे और जिनके कारण यह मैच ज्यादा लंबा खिंचा। ये फैसले अगर गलत नहीं होते तो हम बहुत पहले खेल खत्म कर होटल में आराम कर रहे होते।

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