बिहार की राजधानी पटना समेत राज्य के विभिन्न जिलों में अज्ञात बीमारी का कहर जारी है. केवल मुजफ्फरपुर जिले में 30 बच्चों की मौत इस अज्ञात बीमारी से हो गई है. इस बीच मंगलवार को दिल्ली और पुणे से बीमारी की जांच के लिए चिकित्सा दल के बिहार आने की सम्भावना है.
राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के अनुसार इस अज्ञात बीमारी की जांच के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विरोलॉजी (एनआईवी) पुणे और दिल्ली के चिकित्सकों का एक दल बिहार पहुंचेगा. इस बीमारी से पटना में दो और मोतिहारी में एक बच्चे की मौत होने की सूचना है.
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सीपी ठाकुर ने मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा कर पीड़ित बच्चों से मुलाकात की तथा चिकित्सकों और अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिये हैं. अस्पताल के शिशु रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ ब्रजमोहन के मुताबिक यह बीमारी इंसेफेलाइटिस की तरह है. उन्होंने बताया कि इस बीमारी में तेज बुखार आता है और फिर बच्चा बेहोश हो जाता है. सिर में तेज दर्द और बदन में अकड़न आ जाती है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सोमवार को कहा था कि यह बीमारी लम्बे समय से मई-जून के आसपास इस क्षेत्र में होती रही है. लक्षणों के आधार पर इलाज किया जा रहा है. बहुत लोगों की जान बच जाती है, कुछ लोगों की जान नहीं बच पाती है. उन्होंने बताया कि पीड़ित बच्चों के रक्त का नमूना एनआईवी, पुणे जांच के लिए भेज दिया गया है।
पिछले वर्ष भी इसी मौसम में इस अज्ञात बीमारी से 35 बच्चों की मौत हो गई थी जबकि वर्ष 2009 में 50 बच्चों की मौत हो गई थी. राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज सह अस्पतालों और जिला अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है.
राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के अनुसार इस अज्ञात बीमारी की जांच के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विरोलॉजी (एनआईवी) पुणे और दिल्ली के चिकित्सकों का एक दल बिहार पहुंचेगा. इस बीमारी से पटना में दो और मोतिहारी में एक बच्चे की मौत होने की सूचना है.
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सीपी ठाकुर ने मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा कर पीड़ित बच्चों से मुलाकात की तथा चिकित्सकों और अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिये हैं. अस्पताल के शिशु रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ ब्रजमोहन के मुताबिक यह बीमारी इंसेफेलाइटिस की तरह है. उन्होंने बताया कि इस बीमारी में तेज बुखार आता है और फिर बच्चा बेहोश हो जाता है. सिर में तेज दर्द और बदन में अकड़न आ जाती है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सोमवार को कहा था कि यह बीमारी लम्बे समय से मई-जून के आसपास इस क्षेत्र में होती रही है. लक्षणों के आधार पर इलाज किया जा रहा है. बहुत लोगों की जान बच जाती है, कुछ लोगों की जान नहीं बच पाती है. उन्होंने बताया कि पीड़ित बच्चों के रक्त का नमूना एनआईवी, पुणे जांच के लिए भेज दिया गया है।
पिछले वर्ष भी इसी मौसम में इस अज्ञात बीमारी से 35 बच्चों की मौत हो गई थी जबकि वर्ष 2009 में 50 बच्चों की मौत हो गई थी. राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज सह अस्पतालों और जिला अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है.

1 टिप्पणी:
सर, बिहार भारत देश के अंतर्गत एक राज्य है। आपने शीर्षक दिया है कि बिहार के कई राज्यों में अज्ञात बीमारी उसे कृप्या करके जल्द से जल्द ठीक करें।
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