ऐश की जिंदगी बिताने के लिए बैंक के दो पूर्व सुरक्षा गार्डो ने एटीएम मशीन का पासवर्ड चोरी कर साढ़े आठ लाख रुपए से ज्यादा चोरी कर लिए। दोनों इतने शातिर निकले की उन्होंने एटीएम के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे का फोकस भी दूसरी ओर मोड़ दिया, लेकिन पुलिस ने उनकी शातिराना चाल को भी मात कर दिया और दोनों को गिरफ्तार कर चोरी की रकम बरामद कर ली।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त ने बताया कि गुरुवार को विजया बैंक के महा प्रबंधक प्रभाकर ने करोल बाग थाने में शिकायत कर सूचना दी कि पदम सिंह रोड स्थित बैंक के एटीएम से आठ लाख 68 हजार की नगदी चोरी कर ली गई है।
पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला कि एटीएम मशीन के साथ कोई छेड़छाड़ या तोड़फोड़ नहीं की गई है। इससे साफ हो गया कि यह काम किसी अंदरूनी व्यक्ति का है। जांच में यह भी पता चला कि बैंक का एक सुरक्षा गार्ड राम भवन उर्फ शैलेष लगभग 20-25 दिन पहले ही नौकरी छोड़कर गया है। पुलिस ने राम भवन को पूछताछ के लिए बुलाया। शुरुआत में तो वह अनजान बना रहा, लेकिन बाद में उसने सब सच उगल दिया और चोरी में अपना हाथ होने की बात स्वीकार कर ली। इसके साथ ही यह भी खुलासा किया कि इस वारदात में उसके साथ शिवम नामक एक पूर्व सुरक्षा गार्ड भी शामिल है, जो फिलहाल विजया बैंक बाराखंबा रोड शाखा के प्रबंधक के चालक के तौर पर काम कर रहा है।
पुलिस ने शिवम को भी पकड़ लिया। दोनों ने खुलासा किया कि उन्होंने जल्द रुपए कमाने के चक्कर में चोरी की साजिश काफी पहले रच ली थी। इसके लिए राम भवन ने एटीएम मशीन का पासवर्ड हासिल किया और फिर बैंक से नौकरी छोड़ दी। साजिश के तहत दोनों अपना चेहरा ढक कर आधी रात को एटीएम में पहुंचे। वहां उन्होंने सबसे पहले सीसीटीवी का फोकस दूसरी तरफ कर दिया। फिर मशीन को डिकोड कर उसमें से रकम चोरी कर ली। दोनों ओल्ड राजेंद्र नगर के एक फ्लैट में पहुंचे, जहां उन्होंने रकम के दो हिस्से किए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

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