लोकपाल बिल को लेकर बढ़ती खींचतान के बीच वरिष्ठ गांधीवादी विचारक एवं समाजसेवी अन्ना हजारे ने शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे को खुली चुनौती दी है। अन्ना ने कहा, ‘ठाकरे बिना सबूत के आरोप लगाना बंद करें। उन्होंने मुझ पर जो आरोप लगाया है। उसे सही साबित करके दिखाएं। मेरे अनशन के पीछे कौन सी कॉरपोरेट कंपनी थी? उसका नाम सार्वजनिक करें। यदि वे अपने आरोपों को साबित करेंगे, तो मैं उनका जिंदगी भर के लिए गुलाम बन जाऊंगा।’
दिल्ली से अहमदनगर के रालेगणसिद्धी लौटने पर अन्ना ने शिवसेना प्रमुख द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने चुनौतीपूर्ण लहजे में कहा कि ठाकरे हवा में बातें करना बंद करें। बिना वजह किसी पर आरोप लगाना और उसे बदनाम करना सही नहीं है। अन्ना ने कहा, ‘मैं सिर्फ एक वक्त भोजन करता हूं। चाय-कॉफी और ठंडा नहीं पीता हूं। फिर मुझे कॉरपोरेट कंपनियों की गरज ही क्या है?’
शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने जंतर-मंतर पर हुए अन्ना हजारे के आंदोलन का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया था। मगर गुरुवार को उन्होंने स्वामी निगमानंद की प्रशंसा करते वक्त अन्ना हजारे और बाबा रामदेव पर तीखी टिप्पणी की। ठाकरे ने कहा कि स्वामी निगमानंद का अनशन हजारे और रामदेव से कहीं अधिक महत्वपूर्ण व बड़ा था। परंतु उनके पीछे कोई भी कॉरपोरेट कंपनी नहीं होने की वजह से उनके आंदोलन को प्रसिद्धि नहीं मिली। उन्होंने यह भी कहा कि अन्ना हजारे के टोपी के पीछे कॉरपोरेट ब्रेन था। ठाकरे का यही बयान अन्ना को चुभ गया है। और उन्होंने शिवसेना प्रमुख पर पलटवार किया है।

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