खुफिया एजेंसियों का दावा है कि अल-कायदा का नया सरगना अयमान अल जवाहिरी संगठन में अपनी ताकत बताने के लिए सबसे पहले भारत को निशाना बना सकता है। अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए वह पाकिस्तान में संचालित भारत विरोधी आतंकी संगठनों का इस्तेमाल कर सकता है।
अल-कायदा के संस्थापक प्रमुख ओसामा बिन लादेन की हत्या के बाद संगठन के नए सरगना की ताजपोशी की घोषणा गुरुवार को की गई। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि जवाहिरी को सबसे पहले संगठन में सऊदी और यमन के अपने समकक्षों पर अपनी ताकत दिखाना जरूरी है। इसके लिए उसे संगठन को विस्तार देने के साथ ही बड़े आतंकी हमले भी करने होंगे।
पिछले कुछ समय से खुफिया एजेंसियों को यह अंदेशा था कि अल-कायदा अपने संगठन को विस्तार देने के लिए भारतीय जमीन का इस्तेमाल करना चाहता है। अल-कायदा में जवाहिरी के करीबी अल मसरी ने 2009 के पुणे बम विस्फोट के बाद जारी ऑडियो टेप में हमले की जिम्मेदारी ली थी। इससे यह साबित होता है कि जवाहिरी के करीबी भारत में सक्रिय है।

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