पांच लाख रुपए वार्षिक आय वाले वेतनभोगियों को आयकर रिटर्न भरने से छूट दिए जाने से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी गई है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वित्त वर्ष 2011-12 के बजट में इसकी घोषणा की थी। मंत्रालय के अनुसार आकलन वर्ष 2011-12 के लिए आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। लेकिन ऐसे व्यक्ति को आयकर रिटर्न भरने की आवश्यकता नहीं होगी जिसकी वार्षिक वेतन से आय पांच लाख रुपए तक है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इसके दायरे में सिर्फ ऐसे वेतनभोगी आएंगे जिन्हे सिर्फ एक नियोक्ता से वेतन मिलता है। इसके तहत सभी प्रकार की कटौतियों के बाद अधिकतम आय पांच लाख रुपए तक होनी चाहिए और बचत खाता से जमा पर अधिकतम 10 हजार रुपए की ब्याज आय हुई हो।
मंत्रालय के अनुसार इस तरह के कर्मचारियों को स्थाई खाता नंबर (पैन) और ब्याज से हुई आय की पूरी जानकारी अपने नियोक्ता को देनी होगी और उसे स्रोत्रों पर कर कटौती (टीडीएस) का भुगतान करना होगा। ऐसे कर्मचारियों को नियोक्त से फॉर्म 16 लेना होगा। मंत्रालय ने कहा है कि एक से अधिक नियोक्ताओं से वेतन लेने, वेतन से अतिरिक्त अन्य आय वाले और बचत खाता से ब्याज आय प्राप्त करने वाले या रिफंड का दावा करने वाले कर्मचारी इस छूट का लाभ नहीं उठा सकते हैं।

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