उडुपी-चिकमगलूर के सांसद व पार्टी के वरिष्ठ नेता डी.वी. सदानंद गौड़ा के प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बनने के प्रबल आसार हैं। नए मुख्यमंत्री के चयन के फार्मूले में मुख्यमंत्री पद के दूसरे दावेदार जगदीश शेट्टर को उप मुख्यमंत्री बनाकर वोक्कालिगा-लिंगायत समुदाय के बीच शक्ति संतुलन बनाने की कोशिश की जा सकती है। इसके अलावा एक उप मुख्यमंत्री और बनाया जा सकता है, जिसके नाम पर अभी मंथन जारी है।
प्रदेश भाजपा के दो प्रमुख खेमों को राजी करने एक फार्मूला तैयार किया गया है, जिसमें मुख्यमंत्री के तौर पर सदानंद गौड़ा के नाम को अंतिम रूप दिया गया है और शेट्टर व एक अन्य को उप मुख्यमंत्री बनना लगभग तय है और बुधवार को इसी फार्मूले की विधिवत घोषणा की जा सकती है। आला कमान येदियुरप्पा को नाराज करना नहीं चाहता है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री की गद्दी छोड़ने के बाद येदियुरप्पा पहले से अधिक आक्रामक अंदाज में हैं और गौड़ा को मुख्यमंत्री नहीं बनाने की सूरत में पार्टीं छोड़कर नई पार्टी के गठन की हद तक जाने को तैयार हैं।
भाजपा आलाकमान को प्रदेश में येदियुरप्पा की ताकत का खूब अंदाजा है। अवैध खनन की लोकायुक्त रिपोर्ट में नाम आने के बाद हालांकि उन्होंने पद से त्यागपत्र जरूर दे दिया है, लेकिन रेसकोर्स रोड स्थित आवास से राजभवन तक समर्थकों को साथ पैदल मार्च करके उन्होंने पार्टी नेताओं को अपनी ताकत दिखा दी और साथ ही संकेत भी दे दिया कि उनके उम्मीदवार की अनदेखी करना आलाकमान के लिए संभव नहीं होगा। गौड़ा की योग्यता का सवाल है, पार्टी अध्यक्ष रहते प्रदेश में पहली बार कमल खिलाने में उनके योगदान की अनदेखी नहीं की जा सकती। गौड़ा विरोधियों को भी साथ लेकर चलने की कला में माहिर हैं और येदियुरप्पा जैसा अनुभवी पथ प्रदर्शक मिल जाएगा तो वे निश्चित रूप से बेहतर काम करके दिखाने की स्थिति में होंगे। शेट्टर के नाम से ही भड़क उठने वाले येदियुरप्पा उनको उप मुख्यमंत्री बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हैं, पर मुख्यमंत्री का पद उनके आदमी को देने से वे मान जाएंगे।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें