दो दोषियों के मौत की सजा को राष्ट्रपति ने बदली. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 2 अगस्त 2011

दो दोषियों के मौत की सजा को राष्ट्रपति ने बदली.

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले हत्या के मामले के दो दोषियों की मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया. गृह मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को नई दिल्ली में बताया, 'दोषियों, उत्तर प्रदेश के रहने वाले सत्तन और गुड्डू की क्षमा याचिकाओं पर संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत विचार किया गया और मृत्युदंड को उनके शेष जीवन के लिए आजीवन कारावास में बदल दिया गया.' 
    
सत्तन और गुड्डू को वर्ष 2009 में मौत की सजा सुनाई गयी थी. उन्होंने एक परिवार के छह सदस्यों की हत्या कर दी थी और निचली अदालत ने मामले में चार आरोपियों को मौत की सजा सुनाई थी. लेकिन उच्च न्यायालय ने दो आरोपियों की सजा को बदल दिया.  वर्ष 2009 में उच्चतम न्यायालय ने सत्तन और गुड्डू की मौत की सजा को बरकरार रखा.

संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू की क्षमा याचिका की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर चिदंबरम ने कहा, 'जब तक राष्ट्रपति क्षमा याचिका पर कोई निर्णय नहीं लेंती तब तक मैं आपके साथ किसी भी दया याचिका पर कोई जानकारी साझा नहीं कर सकता.' उन्होंने कहा, 'जो भी फैसला लिया जाएगा, आपके साथ साझा किया जाएगा.'

कोई टिप्पणी नहीं: