राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले हत्या के मामले के दो दोषियों की मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया. गृह मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को नई दिल्ली में बताया, 'दोषियों, उत्तर प्रदेश के रहने वाले सत्तन और गुड्डू की क्षमा याचिकाओं पर संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत विचार किया गया और मृत्युदंड को उनके शेष जीवन के लिए आजीवन कारावास में बदल दिया गया.'
सत्तन और गुड्डू को वर्ष 2009 में मौत की सजा सुनाई गयी थी. उन्होंने एक परिवार के छह सदस्यों की हत्या कर दी थी और निचली अदालत ने मामले में चार आरोपियों को मौत की सजा सुनाई थी. लेकिन उच्च न्यायालय ने दो आरोपियों की सजा को बदल दिया. वर्ष 2009 में उच्चतम न्यायालय ने सत्तन और गुड्डू की मौत की सजा को बरकरार रखा.
संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू की क्षमा याचिका की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर चिदंबरम ने कहा, 'जब तक राष्ट्रपति क्षमा याचिका पर कोई निर्णय नहीं लेंती तब तक मैं आपके साथ किसी भी दया याचिका पर कोई जानकारी साझा नहीं कर सकता.' उन्होंने कहा, 'जो भी फैसला लिया जाएगा, आपके साथ साझा किया जाएगा.'

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