सरकार ने बुधवार को बताया कि जीएसएलवी के जरिए भारत का दूसरा चंद्र अभियान चंद्रयान दो 2013-14 में संभव होगा। लोकसभा में संजीव गणेश नाइक और सुप्रिया सुले के प्रश्न के लिखित उत्तर में कार्मिक, पेंशन एवं प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी. नारायण सामी ने कहा कि चंद्रयान दो भारत और रूस का संयुक्त अभियान है। इसके तहत भारत कक्षा में चक्कर लगाने वाले उपकरण और रोवर मोड्यूल का विकास कर रहा है जबकि रूस उतरने से जुड़ी प्रणाली का विकास कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि जीएसएलवी के जरिए भारत का दूसरा चंद्र अभियान चंद्रयान दो 2013-14 में होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जीएसएलवी की अगली उड़ान स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन से कराने सहित अन्य कदमों पर पहल की जा रही है ताकि चंद्रयान दो के कार्यक्रम पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ सके।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें