सरकार पर से लोगों का भरोसा उठ गया है:जेटली - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 17 अगस्त 2011

सरकार पर से लोगों का भरोसा उठ गया है:जेटली

अन्ना हज़ारे के मामले पर संसद में दिए बयान पर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. राज्य सभा ने जहाँ अरुण जेटली ने मोर्चा संभाला तो लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने मनमोहन सिंह के बयान को ख़ारिज कर दिया.

अपने लंबे और विस्तृत भाषण में अरुण जेटली ने एक-एक करके प्रधानमंत्री के बयान पर चोट की और कहा कि सरकार पर से लोगों का भरोसा उठ गया है. राज्य सभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा है कि वे प्रधानमंत्री के बयान से निराश हैं. उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों को छिपाने में लगी है.

अरुण जेटली ने कहा, "देश के लोगों का सरकार पर से भरोसा उठ गया है. इसलिए देश का युवा सड़कों पर उतर आया है." उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या आपकी सरकार के पास भ्रष्टाचार से लड़ने की इच्छाशक्ति है? उन्होंने कहा कि सत्ता के मद में चूर सरकार भ्रष्टाचार से नहीं लड़ सकती. अरुण जेटली ने कहा कि देश की जनता को प्रदर्शन करने का अधिकार है और सरकार ने उसे कुचलने का काम किया है. उन्होंने सरकारी लोकपाल की भी आलोचना की और कहा कि सरकारी लोकपाल विधेयक सरकार नियंत्रित है. अरुण जेटली ने कहा कि अन्ना हज़ारे के अनशन पर जो शर्तें लगाई गईं थी, वो ग़लत थी. लोकसभा में भारी शोर-शराबे के बीच विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सरकार पर आरोप लगया कि वो असंतुलित व्यवहार कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार ने संसदीय प्रक्रियाओं को दरकिनार करने का काम किया है. सुषमा ने पूछा कि अन्ना की टीम से बात करने की पहल किसने की.

सुषमा स्वराज ने कहा, " सरकार कहती है कि वो नागरिक अधिकारों के रक्षक हैं. लेकिन इससे ज़्यादा असत्य क्या हो सकता है. चार जून की रात को स्वामी रामदेव के समर्थकों पर सोते हुए लोगों पर लाठियाँ चलाईं गई, और आप कहते हैं कि आप नागरिक अधिकारों के रक्षक हैं." सुषमा स्वराज ने कहा कि ये सरकार भ्रष्टाचारी और अत्याचारी है. उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान को असत्य का पुलिंदा बताया

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