गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने बुधवार को कहा कि अगले कुछ दिनों में केंद्र सरकार यह तय कर लेगी कि वह माओवादियों के खिलाफ चलाए जाने वाले सलवाजुडूम अभियान में विशेष पुलिस अधिकारियों के तौर पर आदिवासियों की भर्ती पर प्रतिबंध लगाने के सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले की समीक्षा कराएगी या नहीं।
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान चिदंबरम ने कहा कि उनका मंत्रालय सलवाजुडूम पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र सरकार को दिए गए आदेश पर विधि मंत्रालय के साथ विचार विमर्श कर रहा है। उन्होंने कहा कि कोर्ट का फैसला अत्यंत विस्तृत है और इसमें दिशा निर्देश दिए गए हैं कि विशेष पुलिस अधिकारियों को कौन से काम दिए जा सकते हैं और कौन से नहीं।
चिदंबरम ने के.ई. इस्माइल के पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को और साथ ही केंद्र सरकार को भी दिशानिर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने माओवाद प्रभावित इलाकों में पदस्थ विशेष पुलिस अधिकारियों को नियमित पुलिस बल में समायोजित करने के लिए एक अध्यादेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ऑक्जिलरी आर्म्ड पुलिस फोर्स ऑर्डिनेन्स 2011 छत्तीसगढ़ सरकार के विधायी क्षेत्र में है और वहां की विधायी शक्तियों के अधीन है। इस अध्यादेश में कोर्ट के फैसले का एक हिस्सा है और गृह मंत्रालय बड़े मुद्दे पर विचार कर रहा है।

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