अन्ना का अनशन स्थल अबतक तय नहीं. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 9 अगस्त 2011

अन्ना का अनशन स्थल अबतक तय नहीं.

जनलोकपाल बिल के लिए आंदोलन कर रहे गांधीवादी अन्ना हजारे के 16 अगस्त से प्रस्तावित अनशन की जगह तय करने के लिए अब दिल्ली पुलिस ने दो दिन का वक्त मांगा है। सोमवार को टीम अन्ना ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बीके गुप्ता से मुलाकात कर रामलीला मैदान और जंतर-मंतर से तीन किलोमीटर की परिधि में कहीं भी अनशन करने की अनुमति देने का आग्रह किया। 

अरविंद केजरीवाल,किरण बेदी, प्रशांत भूषण व मनीष सिसौदिया की टीम से पुलिस कमिश्नर ने कहा कि वह सभी वैकल्पिक व संभावित स्थलों के संबंध में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर दो दिन के भीतर जवाब देंगे। मुलाकात के बाद केजरीवाल ने कहा कि बातचीत बहुत ही सौहार्दपूर्ण रही और उन्होंने इंडिया अगेस्ट करप्शन की ओर से अब तक किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सराहना भी की। बता दें कि पुलिस ने जंतर-मंतर पर अन्ना को अनशन की अनुमति देने से इंकार कर दिया है,इसके जवाब में पुलिस को पांच स्थान सुझाए गए थे। उनमें से रामलीला मैदान में एमसीडी की ओर से अनापत्ति हासिल होने के बाद भी पुलिस ने अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया।

जन लोकपाल बिल को लेकर अन्ना हजारे की ओर से शुरू किए गए आंदोलन की आग दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर तक पहुंच गई है। सोमवार सुबह अन्ना समर्थकों का एक समूह पहले दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और फिर वहां से आर्ट्स फैकल्टी जा पहुंचा। यहां पहुंचकर समर्थकों ने 16 अगस्त को अन्ना हजारे द्वारा किए जाने वाले अनशन के समर्थन में छात्रों को एकजुट करने के लिए नुक्कड़ नाटक किया। इसके माध्यम से उन्होंने बताया कि आखिर जनलोकपाल बिल क्यों जरूरी है। हालांकि औपचारिक मंजूरी न लिए जाने का हवाला देकर डीयू सुरक्षाकर्मियों ने इस कार्यक्रम को बीच में ही बंद करा दिया।

सुबह 11 बजे दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में शुरू हुए कार्यक्रम में अभी छात्र जुटना शुरू ही हुए थे कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अड़ंगा लगा दिया। हालांकि अन्ना समर्थक अपनी बात छात्रों तक पहुंचने में कामयाब रहे। डीयू प्रॉक्टर प्रो.एचपी सिंह से जब इस कार्यक्रम को रोके जाने के विषय में पूछा गया तो उनका कहना था कि ऐसे किसी भी कार्यक्रम के आयोजन की मंजूरी विश्वविद्यालय दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स व आर्ट्स फैकल्टी में नहीं देता है, जिसकी पूर्व अनुमति नहीं ली गई हो। 

अन्ना समर्थकों की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के लिए डीयू से मंजूरी नहीं ली गई थी, इसलिए उन्हें रोका गया। उधर, नुक्कड़ नाटक के लिए पहुंचे दल में शामिल एक छात्र ने बताया कि देश एक बड़े बदलाव के दौर से गुजरा है। हर जगह भ्रष्टाचार का बोलबाला है और ऐसे में जरूरी हो जाता है कि भविष्य की नींव मजबूत करने के लिए आंदोलन किए जाएं। अन्ना के आंदोलन में युवाओं की भूमिका अहम है। इस मुहिम से युवाओं को जोड़ने के लिए ही अन्ना के समर्थकों की टीम यहां पहुंची है।

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