मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही संसद में एक-दूसरे पर वार के लिए तैयार राजनीतिक दलों में अंदरूनी घमासान चरम पर है। सत्ताधारी कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह पर कुछ कांग्रेसियों के द्वारा ही अंडे फेंके जाने की खबर है। प्रमुख विपक्षी भाजपा कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा की महत्वाकांक्षा से परेशान है ही। और, वामपंथी माकपा का हाल तो यह है कि पार्टी के एक नेता ने अपने ही सहयोगी के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन किया और एक महिला के साथ उनकी तस्वीर रिकॉर्ड कर शिकायत भेज दी नतीजतन उन्हें 'गलत आचरण' के कारण पार्टी से निलंबित कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में दिग्विजय सिंह की मौजूदगी में ही कांग्रेसियों की गुटबाजी सामने आ गई। उनकी मौजूदगी में एक कार्यक्रम में कांग्रेसियों के बीच सोमवार को खूब लड़ाई हुई। सारी लड़ाई श्रेय लेने की होड़ को लेकर थी। इस क्रम में दिग्विजय पर अंडे फेंके जाने का भी आरोप है। कांग्रेसियों ने मनरेगा में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ रॉबर्ट्सगंज में धरना आयोजित किया था। इसमें शामिल कांग्रेसी दो गुटों में बंट गए और श्रेय लेने की होड़ में झगड़े पर उतर आए। एक गुट की अगुआई जिला कांग्रेस अध्यक्ष आरडी पांडे और पार्टी की सांप्रदायिक विरोधी मोर्चा के प्रमुख अमरेश मिश्रा कर रहे थे। मिश्रा को दिग्विजय का करीबी माना जाता है। जिले के कांग्रेसियों को लगा कि उनके द्वारा आयोजित कार्यक्रम का सारा श्रेय मिश्रा और पांडे ही ले जा रहे हैं। सो उन्होंने मिश्रा को 'बाहरी' बता कर वहां से निकाले जाने की मांग शुरू कर दी। इसी बात पर दोनों पक्षों में लड़ाई हो गई।
दिग्विजय ने बीच-बचाव किया और कहा कि कार्यक्रम दोनों पक्षों का साझा आयोजन है। थोड़ी देर के लिए झगड़ा शांत हुआ, लेकिन धरना खत्म होने के बाद फिर कहासुनी शुरू हो गई। बाद में मिश्रा ने बताया, 'जिला कांग्रेस में कुछ लोग आरएसएस की मानसिकता से प्रभावित हैं और उन लोगों ने दिग्विजय सिंह पर भी हमला किया और अंडे फेंके।' हालांकि पांडे ने मिश्रा की बात को गलत बताया है। बहरहाल, दिग्विजय ने अपने भाषण में मायावती को खूब कोसा और कहा कि वह गरीबों की नहीं, लुटेरों की मुख्यमंत्री हैं। इनके राज में सत्ता से जुड़े जन प्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों को लूट मचाने की खुली छूट मिली हुई है।
केरल में माकपा की गुटबाजी अलग ही अंदाज में सामने आई है। एर्नाकुलम जिले के पार्टी सचिव गोपी कोट्टामुरीकल को 'गलत आचरण' के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। कोट्टामुरीकल पर हुई कार्रवाई को केरल में सीपीएम के बीच बढ़ती गुटबाजी का नतीजा माना जा रहा है। पार्टी के भीतर मौजूद कोट्टामुरीकल के विरोधियों ने ही स्टिंग ऑपरेशन में उन्हें एक महिला वकील के साथ रिकॉर्ड कर लिया। कोट्टामुरीकल पहले अच्युतानंदन के करीबी थे। लेकिन बाद में उन्होंने अच्युतानंदन के विरोधियों का दामन थाम लिया। इसी के बाद से अच्युतानंदन खेमे के नेता कोट्टामुरीकल के खिलाफ सक्रिय हो गए। उन्होंने पार्टी कार्यालय में कोट्टामुरीकल के कमरे में एक कैमरा लगा दिया और महिला वकील के साथ रिकॉर्डिंग कर ली। पार्टी को भेजी गई शिकायत में कहा गया कि नेता किस तरह से पार्टी के दफ्तर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। शिकायत जिला स्तर के नेता ने की। इसके बाद गोपी को निलंबित कर दिया गया। पार्टी की तरफ से आए बयान में कहा गया है कि दो सदस्यों वाला एक पैनल मामले की जांच करेगा।

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