पाकिस्तान के अशांत खैबर कबायली क्षेत्र में जुमे की नमाज के दौरान नमाजियों से भरी एक मस्जिद में एक आत्मघाती किशोर हमलावर ने खुद को उड़ा लिया जिसमें 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से ज्यादा अन्य घायल हो गए।
जामिया मस्जिद को लक्ष्य बना कर यह विस्फोट उस समय किया गया जब लोग जुमा की नमाज पढ़कर मस्जिद से निकल रहे थे। शक्तिशाली विस्फोट में 33 लोगों की तुरंत मृत्यु हो गई। एक सौ से ज्यादा घायलों को जमरूद और खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर के अस्पतालों में भेजा गया है। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में से 20 की हालत नाजुक बतायी जा रही है।
चश्मदीदों और अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि यह हमला 15 या 16 साल के एक आत्मघाती हमलावर ने किया। विस्फोट के वक्त मस्जिद में 200 से ज्यादा लोग थे। विस्फोट में मस्जिद का एक हिस्सा ढ़ह गया। विस्फोट के चलते मस्जिद की दीवारों में बड़ी दरारें पैदा हो गईं।
मस्जिद की दीवारें और छत किरचियों से अटी पड़ी हैं। छतों का एक हिस्सा काला पड़ गया है जबकि मस्जिद की फर्श पर जगह-जगह खून बिखरा हैं। स्थानीय निवासियों ने अपने हाथों से मलबे को खोद कर शवों और घायलों को निकाला। उनका कहना है कि मलबे में अब भी कुछ शव दबे हो सकते हैं। विस्फोटक मस्जिद में लगाया गया था और उसमें उस वक्त विस्फोट कराया गया जब लोग जुमे की नमाज पढ़कर मस्जिद से जा रहे थे। अभी किसी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी कबूल
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