शीला दीक्षित के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 8 अगस्त 2011

शीला दीक्षित के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा.


राष्ट्रमंडल खेलों में हुई अनियमितता पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रपट में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर उंगली उठाए जाने के बाद विपक्ष ने सोमवार को संसद के दोनों सदनों में उनके इस्तीफे की मांग को लेकर भारी हंगामा किया। इसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह के पहले दिन लोकसभा की बैठक जैसे ही शुरू हुई, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगियों ने प्रश्न काल रद्द कर सीएजी रपट पर चर्चा कराने की मांग की। भारी हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भाजपा, वामदलों और समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने दीक्षित के इस्तीफे की मांग को लेकर फिर हंगामा किया और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में भी विपक्षी सदस्यों ने दीक्षित के इस्तीफे की मांग की। भाजपा सदस्य सभापति के आसन के पास पहुंच गए और दीक्षित के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस तरह प्रश्नकाल बेकार चला गया।

सदन की बैठक दोपहर 12 बजे जब दोबारा शुरू शुरू हुई, तब भी स्थिति जस की तस बनी हुई थी। विपक्षी सदस्यों ने दोबारा नारेबाजी शुरू की। हंगामा न थमता देख उपसभापति के. रहमान खान ने कुछ दस्तावेज पटल पर रखवाने के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी। दीक्षित के इस्तीफे की मांग करने का निर्णय रविवार को भाजपा के कोर समूह की बैठक में लिया गया था। इसके पहले भाजपा ने दोनों सदनों में केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव भी पेश किया। यह प्रस्ताव माकन के इस बयान पर पेश किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सुरेश कलमाडी को राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति का प्रमुख राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने नियुक्त किया था।

सीएजी रपट को लेकर सरकार पर तेज हो रहे हमले के बीच केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि सीएजी रपट पर सरकार तभी अपना रुख स्पष्ट करेगी, जब लोक लेखा समिति (पीएसी) उसका परीक्षण कर लेगी। खुर्शीद ने संवाददाताओं से कहा, ''सीएजी रपट एक ऑडिट है और पीएसी को इसका परीक्षण करना है। पीएसी ने इसपर कोई रुख स्पष्ट नहीं किया है, रुख सिर्फ पीएसी अध्यक्ष का आया है, जिन्होंने सदस्यों को कुछ वितरित किया है.. सरकार उसके बाद अपना रुख साफ करेगी।'' दूसरी ओर संसद के बाहर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को इस्तीफा देने के लिए न कहने के लिए कांग्रेस पर हमला किया। जावड़ेकर ने कहा कि दो अन्य रपटों में भी दीक्षित सरकार में भ्रष्टाचार साबित हो गया है।

जावडेम्कर ने कहा, ''जब दिल्ली के लोकायुक्त की रपट में दिल्ली सरकार के लोक निर्माण मंत्री राजकुमार चौहान पर उंगली उठाई गई थी, तब उन्होंने कहा कि रपट सही नहीं है। अब सीएजी की रपट सामने है और वे कहते हैं कि यह केवल एक आडिट रपट है, लेकिन इसके अलावा शुंगलू समिति की रपट भी है, जिसमें दीक्षित को दोषी बताया गया है।'' जावड़ेकर ने कहा, ''आखिर वे कबतक भ्रष्ट व्यक्ति का बचाव करेंगे। उन्हें हर हाल में जाना होगा और उन्हें हर हाल में इस्तीफा देना होगा।'' राष्ट्रमंडल खेलों पर लगभग 750 पृष्ठों की सीएजी रपट में खेलों के आयोजन में अनियमितता की बात उजागर की गई है।

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