सरकार ने लम्बी जद्दोजहद के बाद आज सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के अनशन को लेकर रखी गई सभी शर्तें मान ली हैं। सरकार ने अब अन्ना को उनकी शर्तों पर अनशन की इजाजत दे दी है। लेकिन किरण बेदी ने जेल से बाहर आकर कहा कि पुलिस से अनशन के मुद्दे पर बातचीत चल रही है और हमारी कोशिश है कि हम अपनी सभी शर्तें मनवा कर अनशन शुरू करवाएं।
किरण बेदी ने कहा, हम पूरे 30 दिन तक अनशन करना चाहते हैं, लेकिन पुलिस ने केवल 7 दिन के हिसाब से और उसके बाद जरूरत के अनुसार उसे बढ़ाए जाने की अनुमाति दी। दिल्ली पुलिस इस बात पर सहमत हो गई है कि अन्ना अब जब तक चाहें, रामलीला मैदान में अनशन कर सकते हैं और वहां 25 हजार लोग भी जमा हो सकते हैं।
पुलिस ने वैसे अनशन के लिए सात दिन की इजाजत दी है, लेकिन उन्हें जरूरत के हिसाब से बढ़ाया जा सकता है। इससे पहले पुलिस ने कहा था कि उन्हें अनशन के लिए केवल सात दिन ही दिए जाएंगे और रामलीला मैदान में पांच हजार से ज्यादा लोग नहीं जमा होंगे। अब जब सरकार ने अन्ना की सारी शर्तें मान ली हैं तो यह कयास लगाया जा रहा है कि वे जेल से कभी भी बाहर आ सकते हैं। अन्ना के समर्थकों का एक विशाल हुजूम इंडिया गेट से तिहाड़ जेल की तरह रवाना हो चुका है।
कल तक अन्ना हजारे और उनकी टीम को ऑफिस-ऑफिस चक्कर लगवाने वाली और उन पर एक के बाद एक शर्तें थोपने वाली दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को अब अन्ना हजारे उसी की भाषा में जवाब दे रहे हैं। वे न सिर्फ सरकार और दिल्ली पुलिस को चकरघिन्नी बनाए हुए हैं, बल्कि उन पर एक के बाद एक शर्तें भी थोप रहे हैं। बुरी तरह फंसी सरकार के लिए अन्ना का आंदोलन ऐसी हड्डी बन गया है, जिसे न तो वह उगल पा रही है और न निगल पा रही है। फिलहाल अन्ना तिहाड़ जेल में ही अनशन कर रहे हैं। बाहर उनके हजारों समर्थक मौजूद हैं।
कल सुबह अन्ना को भ्रष्ट बताकर माहौल बिगाड़ने के आरोप में उन्हें जेल में बंद करने वाली केंद्र सरकार अब झुक गई है। वह उन्हें रिहा तो रात को ही कर चुकी है, लेकिन अब उन्हें जेल से बाहर आने और यहां तक कि जेपी पार्क में अनशन करने के लिए भी मनाने में जुटी है। लेकिन अन्ना ने साफ कर दिया है कि अनशन वे अपनी शर्तों पर करेंगे, वर्ना जेल में ही अनशन जारी रहेगा।
कल रात की मांग पूरी करते हुए सरकार ने अन्ना को जेपी पार्क में अनशन करने की इजाजत दे दी, लेकिन अन्ना की टीम ने कहा कि जनसैलाब बहुत ज्यादा हो गया है, इसलिए वे जेपी पार्क जैसी छोटी जगह पर अनशन नहीं कर सकते। अन्ना की टीम ने रामलीला मैदान मांगा। नानुकुर के बाद सरकार वहां भी 7 दिन के लिए अनशन पर बैठने देने पर सहमत हो गई है।
सरकार ने दिल्ली पुलिस को जेपी पार्क से धारा 144 हटाने का आदेश दिया है। लेकिन अन्ना इसके लिए तैयार नहीं हैं। अन्ना की टीम के सदस्य मनीष सिसोदिया के मुताबिक अनशन के लिए रामलीला मैदान तो ठीक है, लेकिन उन्हें अनशन के लिए पूरे एक महीने का वक्त चाहिए। अन्ना की इस ताजा मांग पर सरकार और दिल्ली पुलिस अभी तक कोई फैसला नहीं ले पाई है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें