संसद में जबरदस्त हंगामें के बाद दोनों सदनों की कार्रवाई कल तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। मानसून सत्र के दूसरे दिन दिन लोकसभा और राज्यसभा में महंगाई का मुद्दा छाया रहा। मानसून सत्र के दूसरे दिन संसद की कार्रवाई शुरू होने के तुरंत बाद विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया। विपक्ष सरकार से भ्रष्टाचार और महंगाई पर वोटिंग कराने की मांग कर रहा था। जिस वजह से दोनों सदनों की कार्रवाई 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोबारा जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई। फिर से हंगामे की वजह से दिन भर की कार्रवाई स्थगित कर दी गई।
दोपहर बाद जब लोकसभा की कार्रवाई दोबारा शुरू हुई तो सपा सांसदों ने भूमि अधिग्रहण मामले पर उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के इस्तीफे की मांग करने लगे। इसके बाद बसपा सांसदों ने उत्तर प्रदेश में भूमि अधिग्रहण के मामलों के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया और जमकर हंगामा काटा। वहीं शिवसेना ने मुंबई बम धमाकों का हवाला देते हुए पाक आतंकी अलमल कसाब और अफजल गुरू को फांसी दिए जाने की मांग लेकर संसद की कार्रवाई रोकी। राज्य सभा में विपक्ष पार्टी बीजेपी ने महंगाई पर सरकार को घेरा। विपक्ष ने जून में महंगाई दर 9 से भी ऊपर पहुंचने का हवाला देते हुए विरोध किया। जिस वजह से राज्य सभा की कार्रवाई दो बार रोकनी पड़ी। उसके बाद जब विरोध ज्यादा होने लगा तो इसे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। मानसून सत्र के पहले दिन यानिकि सोमवार को राज्यसभा की कार्रवाई 2जी स्पेक्ट्रम मामले की वजह से स्थगित कर देनी पड़ी थी।
गौरतलब है कि संसद के इस मानसून सत्र में 5 अहम बिल पास होने के लिए पेश किए गए हैं। सबसे अहम लोकपाल बिल भी इसी मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण बिल, महिला आरक्षण बिल, राष्ट्रीय खाद्य सुराक्षा बिल और गुड्स एंड टेक्स बिल के भी इसी सत्र में पास होने की उम्मीद है। अब ऐसे में अगर संसद की कार्रवाई ही नहीं चल पाएगी तो सरकार ये बिल कैसे पास करा पाएगी यह भी सरकार के लिए चुनौती भरा होगा।

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