फिल्म आरक्षण के प्रड्यूसर प्रकाश झा और फिरोज नाडियाडवाला यूपी और पंजाब में फिल्म पर बैन लगाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गए हैं। उन्होंने इन राज्यों से फिल्म पर से बैन हटाने की मांग की है।
फिल्म को लेकर चले रहे विवाद के बीच प्रकाश झा ने आज आंध्र प्रदेश, यूपी और पंजाब को छोड़कर बाकी पूरे देश में फिल्म को रिलीज कर दिया। इस बीच यह भी खबर है कि राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने भी बिहार में फिल्म पर बैन लगाए जाने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश, पंजाब और आंध्र प्रदेश ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए आरक्षण के प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी। फिल्म के निर्देशक प्रकाश झा का कहा था कि विभिन्न राजनीतिक निकायों की चिंता का सम्मान करते हुए वह फिल्म से विवादित दृश्य-संवाद हटाने को तैयार हैं। फिल्म के कुछ दृश्य व संवादों से अशांति पैदा होने की आशंका जाहिर करते हुए पंजाब सरकार ने स्क्रीनिंग कमेटी गठित की, जो शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट देगी, तब तक के लिए सूबे में फिल्म के प्रदर्शन पर पाबंदी लागू रहेगी।
पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने कहा, ऐसी खुफिया जानकारी मिली थीं कि फिल्म के दृश्यों-संवाद से कुछ समुदायों की भावनाएं भड़क सकती हैं, इसके चलते प्रदर्शन पर रोक का फैसला किया गया। पंजाब की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही आंध्र प्रदेश सरकार ने फिल्म पर एक हफ्ते के लिए प्रतिबंध लगा दिया। इसके पहले बुधवार को यूपी सरकार ने फिल्म के प्रदर्शन पर दो माह के लिए यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि इससे कानून-व्यवस्था संबंधी परेशानी पैदा हो सकती है।
प्रकाश झा ने मुंबई में पत्रकार वार्ता में कहा, फिल्म में सिर्फ आरक्षण ही नहीं शिक्षा के व्यवसायीकरण का मुद्दा भी उठाया गया है। आरक्षण बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है। यह आवश्यकता नहीं पर संवैधानिक सच है। फिल्म में हमने इस मुद्दे पर पूरी संजीदगी दिखाई है। एक सवाल के जवाब में झा ने कहा, विभिन्न राज्यों ने राजनीतिक कारणों से फिल्म पर पाबंदी लगाई है। फिल्म में मुख्य किरदार निभाने वाले अमिताभ बच्चन ने कहा, जिस तरीके से रचनात्मक स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया जा रहा है उससे लगता है कि लोग सर्वाधिक दुर्भाग्यपूर्ण फासीवादी स्थिति में जी रहे हैं। मुंबई पुलिस द्वारा सुरक्षा बढ़ाए जाने के बारे में कहा,वह बंदूकों के साए में चलने से असहज महसूस कर रहे हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया ने गुरुवार को फिल्म देखने के बाद कहा, इसमें पिछड़े वर्ग के लोगों के खिलाफ कई आपत्तिजनक संवाद हैं। सेंसर बोर्ड इसमें जरूरी बदलाव करे।

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