अन्ना हजारे के आंदोलन पर अमेरिकी बयान के बाद कांग्रेस भड़क गई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन को अमेरिका का सहयोग मिल रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा है कि इस अन्ना हजारे को मिल रही विदेशी ताकतों की जांच की जानी चाहिए। सरकार ने अन्ना हजारे मामले पर अमेरिका को बयानबाजी करने से बचने के लिए कहा था। अन्ना हजारे की गिरफ्तारी पर अमेरिका की तरफ से यह बयान आया था कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और वहां किसी को अनशन करने की इजाजत मिलने में रुकावट नहीं आनी चाहिए।
भारतीय दौरे पर आए अमेरिकी सीनेटर जॉन मैक्केन ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि भारत में इस समय हर ओर भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। देश के लोकतंत्र के लिए यह चिंता की बात है। उन्होंने कहा है कि देश में लोकतंत्र के लिए यह सही संकेत नहीं है। वे इस समय दिल्ली में हैं। उन्होंने कहा कि उनके होटल के सामने हजारों लोग भ्रष्टाचार के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।
अमेरिका की इस प्रतिक्रिया पर सरकार ने कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस का कहना है कि इस तरह की प्रतिक्रिया दोनों देशों के आपसी सहयोग के लिए अच्छी बात नहीं है। अन्ना को पूरे देश में जबरदस्त समर्थन मिल रहा है जिसने कांग्रेस के माथे पर परेशानी के बल डाल दिए हैं। ऐसे में विदेशी सहयोग के बाद सरकार की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। वैसे अमेरिका और अन्य देशों में रह रहे भारतीय भी अन्ना के सहयोग में आगे आ रहे हैं।

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