जोशीले अदांज में अन्ना हजारे ने रामलीला मैदान से घोषणा की कि प्रभावी लोकपाल बिल 30 अगस्त से पहले संसद में पारित नहीं हुआ तो उसके बाद ‘जेल भरो' आंदोलन होगा. भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने आंदोलन को देशभर से मिले जबर्दस्त समर्थन से गांधीवादी अन्ना हजारे उत्साहित है.उन्होंने कहा कि पारित होने वाले लोकपाल के दायरे में प्रधानमंत्री और न्यायपालिका भी होनी चाहिए.
अन्ना ने कहा कि सरकार संसद और स्थाई समिति में बहुमत में है और हम चाहते हैं कि सरकार संसद के इसी सत्र में हमारे जन लोकपाल विधेयक को पेश करे और 30 अगस्त तक उसे पारित कराए. अन्ना ने कहा कि सरकार सोचती है कि मैं हठी हूं लेकिन मैं जनता की संसद में हूं और मैं कुछ भी गलत मांग नहीं कर रहा हूं.
उन्होंने कहा कि लोकपाल को लेकर लड़ाई पिछले 42 साल से जारी है. कई बार यह विधेयक संसद में पेश हुआ लेकिन पारित नहीं हुआ.उन्होंने कहा, नेता हमसे कहते हैं कि वे चुनकर आये हैं. हम उन्हें बताना चाहते हैं कि वे चुनकर नहीं आए, बल्कि हमने उन्हें चुनकर भेजा है. गांधीवादी के इस नए चुनौती से केंद्र सरकार का नेतृत्व करने वाली कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में बैठक की और अपने राजनीतिक स्थिति का आकलन किया.

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