अचानक आई बाढ़ में 600 को सुरक्षित निकाला. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 12 सितंबर 2011

अचानक आई बाढ़ में 600 को सुरक्षित निकाला.

बिहार की सोन नदी में शनिवार को अचानक आई बाढ़ में फंसे 600 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बाढ़ से अब भी राज्य के चार जिलों के कई गांव प्रभावित हैं। आपदा प्रबंधन विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) नेतृत्व में बचाव एवं राहत कार्य चल रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सोन में अचानक आई बाढ़ का सबसे अधिक प्रभाव रोहतास, अरवल, औरंगाबाद तथा भोजपुर जिले में पड़ा है। उन्होंने बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का कार्य चलाया जा रहा है।

रोहतास में बाढ़ में फंसे 279, अरवल में 70, औरंगाबाद में 100 तथा भोजपुर में 150 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित रोहतास जिले में राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ के 80 जवान और आठ मोटरबोट तैनात किए गये हैं। राहत की बात यह है कि सोन के जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है। पटना स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार सोन नदी पर बने इंदपुरी बैराज से सोमवार को आठ बजे 3,15,561 क्यूसेक पानी छोड़ा गया जबकि 11 बजे यह घटकर 2,44,080 क्यूसेक पहुंच गया है। हालांकि आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी का कहना है कि बाढ़ प्रभावित सारे जिलों के अधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।

इधर, राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी आ जाने से पटना-छपरा मार्ग बंद हो गया है, जबकि नवीनगर, बारून तथा ओबरा प्रखंड के दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी फैला हुआ है। रोहतास जिले के नौहट्टा, दरिहट, बंजारी और डेहरी के हजारों लोग बाढ़ के कारण ऊंचे स्थानों पर शरण लिये हुए हैं। सोन के तटीय क्षेत्रों में फसलों के भारी नुकसान का समाचार मिल रहा है।

कोई टिप्पणी नहीं: