मधुमिता हत्याकांड में अमरमणि त्रिपाठी को उम्र कैद की सज़ा हुई थी पर वह इन दिनों जेल में नहीं हैं. इतना ही नहीं वह पिछले दो महीनों से जेल में नहीं हैं. मालूम चला है कि अमरमणि त्रिपाठी इन दिनों वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में बीमारी के बहाने आराम फरमा रहे हैं.
अमरमणि त्रिपाठी वाराणसी की सेंट्रल जेल में पिछले पांच सालों से बंद हैं. जेल प्रशासन के मुताबिक 13 जुलाई, 2011 को उन्हें अपनी मां की अंत्येष्टि में सम्मिलित होने के लिए उनके घर दुर्गाबाड़ी, हुमायूंपुर, कोतवाली, गोरखपुर जाने की अनुमति प्रदान की गई थी. यह अनुमति सिद्धार्थनगर सीजेएम के आदेश पर दी गई थी. इसके दो दिन बाद गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के सीएमओ ने जेल प्रशासन को ख़बर दी कि अमरमइ को तीयत ठीक न होने के कारण 14 जुलाई की शाम अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है.
18 जुलाई को सीजेएम का एक और आदेश जेल प्रशासन के पास पहुंचा जिसमें कहा गया कि अमरमणि को 23-24 जुलाई को मां के श्राद्ध के ब्रह्म भोज में जाने की इजाज़त दी गई है. इस आदेश को पाकर जेल प्रशासन सकते में आ गया क्योंकि अगर अमरमणि बीमार हैं तो ब्रह्म भोज में कैसे जा सकते हैं और अगर ठीक हैं तो फिर वह 14 जुलाई को जेल क्यों नहीं आए. जेल प्रशासन ने तुरंत ही मेडिकल कॉलेज को पत्र लिखा कि अगर अमरमणि ठीक हो गए हों तो उन्हें तुरंत वापस जेल भेज दिया जाए. लेकिन एक महीने तक कोई जवाब नहीं आया. इस बीच दो बार और चिट्ठी भेजी गई.
जब दबाव बढ़ा तो मेडिकल कॉलेज ने अमरमणि को पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया. लेकिन कोई बीमारी न मिलने पर पीजीआई ने उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया. कोई सहारा न बचने पर अमरमणि कुछ जुगाड़ से वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में भर्ती हो गए. अमरमणि के दो महीने तक जेल से बाहर रहने के मामले से नेताओं, पुलिस और डॉक्टरों की मिलीभगत का गठजोड़ साफ-साफ दिखाई प़ड़ता है.

1 टिप्पणी:
ye hi hamara lok tantra hai ji. sare aapradhi lok tantra ko zinda rakhe hai nahi to kabhi ka kho gaya hota . ye sabke pyare hai . anna kya karenge ?
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