राज्यसभा सदस्य अमर सिंह के वकील राम जेठमलानी ने सोमवार को दिल्ली की एक अदालत के समक्ष वर्ष 2008 के नोट के बदले वोट मामले में धन के स्रोत के तौर पर कांग्रेस नेता अहमद पटेल का नाम लिया।
समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता सिंह के लिए जमानत की दलील देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता ने अपने पहले दिये बयान से हटते हुए पटेल का नाम लिया। पहले जेठमलानी ने कहा था कि भाजपा ने धन दिया हो सकता है क्योंकि लालकृष्ण आडवाणी ने कहा था कि उनकी पार्टी ने स्टिंग ऑपरेशन कराया था।
जेठमलानी ने विशेष न्यायाधीश संगीता ढींगरा सहगल के समक्ष कहा कि ला मेरीडियन होटल में रिश्वत दी गयी थी। उन्होंने कहा कि रिश्वत लेन-देन का स्थान अमर सिंह का आवास नहीं था बल्कि ली मेरीडियन होटल था। रिश्वत देने वाले शख्स अमर सिंह नहीं बल्कि जाहिर तौर पर अहमद पटेल थे जो सांसद हैं और उस पार्टी के बहुत प्रभावशाली नेता हैं जिसकी सरकार को बचाया जाना था। पटेल को रिश्वत देने वाला बताते हुए जेठमलानी ने कहा, मैं यह नहीं कह रहा कि इस साक्ष्य के आधार पर पटेल को दोषी ठहराया जाना चाहिए लेकिन यदि आप अपनी पार्टी की ओर से अन्य दलों के सांसदों को प्रभावित कर रहे हैं तो आप रिश्वत देने वाले कहलाएंगे।
12 सितंबर को अमर सिंह की ओर से दलील देते हुए जेठमलानी ने कहा था कि लोकसभा में नोट के बदले वोट घोटाले के दौरान लहराई गयीं नोटों की गडि्डयां भाजपा की ओर से आई हुई हो सकती हैं। उस दिन जेठमलानी ने अदालत में कहा था कि यदि भाजपा सांसदों ने नोट लहराये तो धन भाजपा की ओर से आया हो सकता है। मैं किसी के मामले की तरफदारी नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई आरोप नहीं है कि अमर सिंह ने धन का बंदोबस्त किया था। अदालत में जेठमलानी की दलीलों पर विरोध दर्ज कराते हुए पटेल ने कहा, यह सब बेबुनियाद और बकवास है तथा मैंने इस बारे में पहले ही स्पष्टीकरण दे दिया है। अमर सिंह को जमानत पर जोर देते हुए जेठमलानी ने अदालत में कहा कि उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं है।

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