आने वाले समय में बिना यूआईडी (विशेष पहचान नंबर) नंबर के किसी भी मोबाइल पर घंटी नहीं बजेगी। सरकार मोबाइल कनेक्शन को यूआईडी नंबर (प्रचलित नाम आधार) के साथ लिंक करना चाहती है।
इसके तहत किसी भी व्यक्ति का नया कनेक्शन या पुराना मोबाइल नंबर उसी समय एक्टिव रहेगा, जब वह अपना यूआईडी नंबर अपने मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी को देगा।
इन दिनों देश भर में यूआईडी नंबर जारी करने का काम किया जा रहा है। सभी नागरिकों को यूआईडी नंबर ढाई से तीन साल के अंदर जारी कर दिया जाएगा। बढ़ती सुरक्षा चिंताओं, आतंकवादी गतिविधियों में फर्जी दस्तावेज पर सिम कार्ड हासिल करने जैसे मामलों को देखते हुए सिर्फ यूआईडी नंबर से ही मोबाइल कनेक्शन देने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।’ इसके लिए परियोजना प्रमुख नंदन नीलकेणी सहित अन्य लोगों से बातचीत चल रही है।
भारत में इस समय 84 करोड़ मोबाइल ग्राहक हैं। इसमें से मात्र 58 करोड़ 80 लाख सक्रिय हैं। यानी अन्य ऐसे नंबर हैं, जिनका उपयोग कम से कम तीन माह से नहीं हुआ है। सुरक्षा एजेंसियां ऐसे नंबरों को लेकर चिंता जताती रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक एक्टिव मोबाइल नंबर में से करीब बीस से तीस प्रतिशत ग्राहकों का सत्यापन नहीं हुआ है। मोबाइल और लैंडलाइन फोन ग्राहकों को 27 सितंबर से अनचाही कॉल्स और एसएमएस से छुटकारा मिल जाएगा। दूरसंचार नियामक ट्राई ने कहा है कि जिन ग्राहकों ने नेशनल कस्टमर प्रिफरेंस रजिस्ट्री (डू नॉट कॉल रजिस्ट्री) में अपना फोन नंबर पंजीकृत कराया है, उन्हें अनचाही कॉल्स नहीं आएंगे।
अनचाही कॉल्स या एसएमएस आने पर ट्राई ने अधिकतम ढाई लाख रुपए जुर्माना लगाने की भी सिफारिश की है। इसके साथ ही दूरसंचार विभाग ने टेलीमार्केटिंग कंपनियों को 140 नंबर सीरीज उपलब्ध कराई है। पिछले साल ट्राई ने अनचाही कॉल्स और एसएमएस पर अंकुश लगाने की सिफारिशें दी थीं, लेकिन चिन्हित संख्या की श्रृंखला उपलब्ध नहीं होने की वजह से इन दिशानिर्देशों को लागू नहीं किया जा सका।

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