
सरकार ने देश की चीन से लगी सीमा पर तैनाती के लिए चार डिवीजनों की माउंटेन स्ट्राइक कोर गठित करने का फैसला किया है। जिसके तहत एक लाख नए सैनिक पूर्वोत्तर क्षेत्र में तैनात किए जाएंगे और इस पर साठ हजार करोड़ रुपये की अधिक लागत आएगी। रक्षा सूत्रों ने कहा कि इस फैसले पर अब कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की मुहर लगनी बाकी है। सेना के इस आधुनिकीकरण की योजना के तहत पूर्वी सेक्टर में चार डिवीजनें गठित की जाएंगी। अरुणाचल प्रदेश में तैनात होने वाली माउंटेन स्ट्राइक कोर के अलावा लद्दाख में पांच हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती का प्रस्ताव है। बारहवीं योजना के इस पूरे प्रस्ताव को क्रियान्वित किया जाएगा।
चीन से लगी सीमा पर सैनिकों की मौजूदगी बढ़ाने का यह प्रस्ताव ऐसे समय मंजूर किया गया है जब अरुणाचल से लेकर लद्दाख तक में चीनी सैनिकों के अतिक्रमण की घटनाएं बढ़ गई हैं। दूसरी ओर कूटनीति के स्तर पर भारत सरकार सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए चीन सरकार के साथ मिलकर बीजिंग और नई दिल्ली में मुख्यालय स्थापित करने को सहमत हो चुकी है। सूत्रों ने कहा कि सरकार ने कूटनीति और रक्षा तैयारियों, दोनों ही मोर्चों पर कदम बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत विदेश मंत्रालयों के स्तर पर सीमा विवाद के समाधान के प्रयास तेज किए जाएंगे जबकि सीमा पर क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही सीमा ढांचे को भी मजबूत बनाया जा रहा है। पूर्वोत्तर में लद्दाख स्काउट्स की तर्ज पर सिक्किम स्काउट्स और अरुणाचल स्काउट्स के गठन का भी प्रस्ताव है।
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