धार्मिक गुरु अमेरिका में वीजा बेचने के दोषी. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 20 नवंबर 2011

धार्मिक गुरु अमेरिका में वीजा बेचने के दोषी.


एक भारतीय आध्यात्मिक गुरु को संघीय ज्यूरी ने, धोखाधड़ी करते हुए भारतीयों को 30-30 हजार डॉलर में धार्मिक कार्यकर्ता के तौर पर वीजा बेचने का दोषी ठहराया है। इस धार्मिक गुरु ने इन भारतीयों को अमेरिका में प्रवेश कराने के लिए ये वीजा बेचे थे। 

सागरसेन हल्दार (31) उर्फ गोपाल हरि दास खुद को मिल्वाउकी स्थित हिंदू मंदिर गौड़िया वैष्णव सोसाइटी (जीवीएस) का अध्यक्ष बताता है। विस्कोंसिन की संघीय ज्यूरी ने हल्दार को आव्रजन धोखाधड़ी की साजिश रचने का दोषी ठहराया है, जिसके तहत उसने भारतीय नागरिकों को धोखे से धार्मिक कार्यकर्ता वीजा बेचा। उसे 24 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी।

मुकदमे के दौरान के सबूतों के मुताबिक, हल्दार ने दो दर्जन से भी ज्यादा भारतीयों को आर-एक वीजा के माध्यम से अमेरिका में प्रवेश कराने की साजिश रची। आर-एक वीजा के आवेदनों में यह झूठ कहा गया कि ये व्यक्ति धार्मिक कार्यकर्ता हैं, जिन्हें जीवीएस मंदिर में पूजा करानी है। हालांकि इन भारतीयों को अमेरिका आने के बाद कोई धार्मिक प्रशिक्षण नहीं दिया गया। हल्दार ने ऐसे हर भारतीय नागरिक से 30-30 हजार डॉलर वसूले। इन्होंने अमेरिका आने के बाद अन्य स्थानों पर काम करके हल्दार और उसके साथियों को यह राशि चुकाई।

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