दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में एक हरे भरे इलाके में स्थित किसी जमाने में महात्मा गांधी का आवास रहे मकान को एक अनोखे संग्रहालय में तब्दील कर दिया गया है। पर्यटक चाहें तो इस संग्रहालय में कुछ समय गुजारकर गांधी जी की तरह जीवनयापन का अनुभव उठा सकते हैं।
फ्रांसीसी ट्रेवल कंपनी वायजर्स डू मोंडे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जे फ्रांकोइस रियाल ने मंगलवार की रात को आधिकारिक रूप से ‘सत्याग्रह सदन’ का उद्घाटन किया। इस कंपनी ने दो साल पहले मकान के मालिकों से इस घर को खरीदा था। स्थानीय साहित्यकारों की सहायता से कंपनी ने एडवार्डियन शैली के इस आवास को नया रंगरूप दिया है। इसे पूर्णरूप से संग्रहालय का रूप दिया गया है, जिसमें गांधी जी से जुड़ी वस्तुएं और ऐतिहासिक चीजें प्रदर्शित की गई हैं।
रियाल ने बताया गांधी जी का सत्याग्रह आंदोलन इतिहास में अहम स्थान रखता है, इसी लिए इस मकान का नाम ‘सत्याग्रह सदन’ रखा गया है। यह सदन यहां आने वाले पर्यटकों को गांधी जी के दक्षिण अफ्रीकी अनुभवों के बारे में अधिक जानने का मौका देगा। इस संग्रहालय में पर्यटकों के रहने की भी व्यवस्था की गई है, ताकि यहां आने वाले लोग गांधी जी के जीवन को करीब से महसूस कर सकें।
यहां पारंपरिक बिस्तर के स्थान पर एक कमरे में फर्श पर चटाई बिछाई गई है, ताकि पर्यटक चाहें तो गांधी जी की तरह जमीन पर सोने का अनुभव हासिल कर सकते हैं। बाथरूम में भी कोई फैंसी व्यवस्था नहीं की गई है, बल्कि यहां दो नल एक बाल्टी रखी गई है। ‘जोहानिसबर्ग इममूवेबल हरिटेज’ के डिप्टी डायरेक्टर एरिक इत्जकिन ने कहा है कि हमें उम्मीद है कि दक्षिण अफ्रीकी पर्यटकों के अलावा यह संग्रहालय अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा।

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