पाकिस्तान के दक्षिणी सिंध प्रांत में चार हिंदू डाक्टरों की हथियारबंद हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना से अल्पसंख्यक समुदाय में तनाव और भय का माहौल है।
प्रांतीय विधानसभा के पूर्व सदस्य और हिंदू परिषद के मुख्य संरक्षक डॉ रमेश कुमार ने पुष्टि की कि डॉ अशोक, डॉ नरेश, डॉ अजीत और डॉ सत्यपाल को हथियारबंद हमलावरों ने उस समय गोली मारी जब वे क्लिनिक में काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारे समुदाय के सदस्यों को इस तरह निशाना बनाए जाने की यह घटना पहली बार नहीं हुई है। चिंता की बात यह है कि इस तरह के कृत्यों में कानून व्यवस्था लागू करने वाली एजेंसियां अपराधियों का साथ देती हैं।
कुमार ने कहा, चक में हिंदुओं की बड़ी आबादी है, तकरीबन 50,000। इसलिए इस तरह की घटनाओं का होना गलत है और सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए तथा अल्पसंख्यकों को सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए। पुलिस ने कहा कि हत्याओं में शामिल दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि हत्याएं हिंदुओं और स्थानीय भाया बरादर के बीच विवाद का नतीजा हो सकती हैं। दो हफ्ते पहले एक हिंदु लड़की को लेकर दोनों समुदायों के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी। हत्याओं की निंदा करते हुए पाकिस्तान हिंदू परिषद ने राष्ट्रपति आसिफ जरदारी, पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश तथा सेना प्रमुख से सिंध में हिंदुओं को निशाना बनाए जाने पर ध्यान देने की अपील की है।

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