स्टेट बैंक ने प्री-पेमेंट पेनल्टी खत्म कर दी. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 25 नवंबर 2011

स्टेट बैंक ने प्री-पेमेंट पेनल्टी खत्म कर दी.


स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने होम लोन प्री-पेमेंट पेनल्टी खत्म कर दी है। फ्लोटिंग और फिक्स्ड रेट, दोनों ही तरह के होम लोन पर बैंक ने प्री-पेमेंट पेनाल्टी खत्म कर दी है। यह सुविधा सभी होम लोन ग्राहकों को मिलेगी। इस तरह से बैंक ने नए और पुराने होम लोन ग्राहकों के साथ अलग-अलग सलूक खत्म करने के संकेत दिए हैं। 

एसबीआई के प्री-पेमेंट होम लोन पेनाल्टी खत्म करने से दूसरे बैंक भी ऐसा करने पर मजबूर हो सकते हैं। एसबीआई की एग्जेक्युटिव कमिटी ने कुछ दिनों पहले हुई बैठक में यह फैसला लिया। बैठक में 21 नवंबर से होम लोन प्री-पेमेंट पेनाल्टी खत्म करने पर सहमति बनी थी।  

अगर कोई ग्राहक लोन अवधि पूरी होने से पहले किसी दूसरे बैंक में लोन ट्रांसफर करा कर प्री-पेमेंट करता है तो दूसरे बैंक और हाउसिंग फाइनैंस कंपनियां (एचएफएस) बकाया लोन पर 2-4 % तक पेनल्टी वसूलती हैं। ग्राहक अपनी जेब से प्री-पेमेंट करता है , तो उससे कोई शुल्क नहीं लिया जाता। अगर ग्राहक ने फिक्स्ड रेट होम लोन लिया है और वह प्री-पेमेंट अपने पैसे से नहीं करता है तो भी हाउसिंग कंपनियां शुल्क लेती हैं।  आरबीआई लगातार कोशिश कर रहा है कि बैंक नए और पुराने होम लोन ग्राहकों में भेदभाव न करें। हालांकि, सभी बैंक ऐसा करते हैं। प्री-पेमेंट पेनल्टी खत्म करने की दिशा में एसबीआई ने पहला कदम मई में उठाया था। तब उसने फ्लोटिंग रेट पर होम लोन लेने वाले नए ग्राहकों के लिए प्री-पेमेंट पेनाल्टी खत्म कर दी थी। 

नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर एसबीआई के पर्सनल डिपार्टमेंट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ' इसका उद्देश्य ग्राहकों को सहूलियत देना है। इसका दूसरा मकसद नए-पुराने ग्राहकों का फर्क खत्म करना है। अगर सर्विस अच्छी है तो ग्राहक आपके साथ बने रहेंगे। ' 

मार्च 2011 के अंत तक एसबीआई का आउटस्टैंडिंग होम लोन पोर्टफोलियो 86,769 करोड़ का था। बैंक की लोन बुक में इसकी हिस्सेदारी 13 % है। तीन साल पहले एसबीआई ने एक स्कीम से होम लोन बाजार को हिलाकर रख दिया था। पूर्व चेयरमैन ओ पी भट्ट के दौर में बैंक ने खास स्कीम पेश की थी। इसमें नए ग्राहकों को शुरुआती साल में फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट और उसके बाद फ्लोटिंग रेट पर होम लोन ऑफर किया जा रहा था। इसे टीजर लोन का नाम दिया गया। ग्राहकों ने इसे हाथोंहाथ लिया। मजबूरन दूसरे बैंकों और हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों को भी ऐसी स्कीम लानी पड़ी। इसके बाद एचडीएफसी ने भी ऐसी ही होम लोन स्कीम पेश की। 

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