ब्लॉग बना अन्ना की मुसीबत, खोला भेद. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 5 नवंबर 2011

ब्लॉग बना अन्ना की मुसीबत, खोला भेद.

अन्ना हजारे ने अपने ब्लॉग को लेकर नया विवाद खड़ा होने के बाद कहा कि वह दिल्ली से अपने गांव जाकर सबसे पहले इस ब्लॉग को बंद करेंगे। गुरुवार की रात दिल्ली आए हजारे शनिवार दोपहर पुणे के लिए रवाना हो गए। रवानगी से पहले संवाददाताओं द्वारा उनके ब्लॉग के संबंध में सवाल पूछे जाने पर हजारे ने कहा, मैं अपने गांव (रालेगण सिद्धी) जाकर सबसे पहले इस ब्लॉग को बंद करूंगा।

पिछले महीने से शुरू हुए हजारे के ब्लॉग का कामकाज संभाल रहे राजू परुलेकर ने शनिवार को उन्हीं के (हजारे के) ब्लॉग पर 23 अक्टूबर का मराठी में हाथ से लिखा गांधीवादी कार्यकर्ता का पत्र चस्पां कर दिया और अपनी टिप्पणियां डाल दीं। परुलेकर ने हजारे के ब्लॉग पर अपनी टिप्पणियों में आरोप लगाया है, ‘23 अक्टूबर, 2011 को दोपहर ढ़ाई बजे हजारे ने अपना लिखा ब्लॉग मुझे सौंपा। हजारे ने केजरीवाल, भूषण और बेदी से अलग होने का मन बना लिया था। लेकिन अन्ना के सहयोगी सुरेश (पठारे) ने मुझे इन टिप्पणियों को ब्लॉग पर डालने से मना किया था।’

इस विवाद के बारे में हजारे से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘अगर परुलेकर ने कोई चिट्ठी डाली है, तो उस पर मेरे हस्ताक्षर होने चाहिए। आप उसे तभी मेरी लिखी हुई बात मानिए, जब उस पर मेरे हस्ताक्षर हों।’ अन्ना ने प्रश्न किया कि उनकी टीम पर लगातार आरोप लगते रहे हैं और यह विवाद क्या इसी साजिश का हिस्सा नहीं हैं? इस सीधे सवाल पर कि क्या उन्होंने अपनी कोर समिति को भंग करने का निर्णय कर लिया था, हजारे ने कहा कि जब कभी टीम पर गंभीर आरोप लगे, तो कई बार यह विचार आया। ‘कई बार मैंने सोचा कि इसे बदल दूं, लेकिन कुछ भी अंतिम तब ही होगा, जब मैं निर्णय कर लूं।’

हजारे के 19 दिन के मौन व्रत के दौरान उनकी टीम के सदस्य अरविंद केजरीवाल, किरण बेदी और प्रशांत भूषण अलग-अलग कारणों की वजह से विवादों में आए।
हजारे ने शुक्रवार को राजघाट पर जाकर अपना मौन व्रत तोड़ा था। शाम को उन्होंने लोकपाल विधेयक पर गौर कर रही स्थायी संसदीय समिति को अपने विचारों से अवगत कराया था और रात को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भुवनचंद खंडूडी से मुलाकात की थी।

3 टिप्‍पणियां:

सुनीता शानू ने कहा…

यह सूचना टिप्पणी बटोरने हेतु नही है बस यह जरूरी लगा की आपको ज्ञात हो आपकी किसी पोस्ट का जिक्र यहाँ किया गया है कृपया अवश्य पढ़े आज की ताज़ा रंगों से सजीनई पुरानी हलचल

Rakesh Kumar ने कहा…

सुनीता जी ने कहा और हम चले आये
आपकी रंगमयी सुन्दर पोस्ट मन को बहुत भाये.
समय मिले आपको तो मेरे ब्लॉग पर भी आयें.

बहुत बहुत आभार जी.

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

सुनीता जी, अन्ना जी के ब्लॉग बावत टीवी में समाचार देखा था ...सुंदर प्रस्तुति ...
मेरे नए पोस्ट पर स्वागत है ...