
पश्चिम बंगाल सरकार को कुछ दिनों पहले 'फासीवादी' बताने वालीं मैगसेसे पुरस्कार विजेता और प्रख्यात लेखिका महाश्वेता देवी ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने अपना बयान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ध्यान में रखकर नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि ममता 'कभी भी फासीवादी नहीं हो सकती।' महाश्वेता देवी ने कहा, "मैंने किसी व्यक्ति विशेष को फासीवादी नहीं कहा..ममता कभी भी एक फासीवादी नहीं हो सकतीं। 'मुख्यमंत्री' और 'सरकार' एक दूसरे के पर्याय नहीं हैं।
बंगाली समाचार पत्र 'बर्तमान' में अपने लेख में 80 वर्ष की अवस्था पार कर चुकी लेखिका ने कहा, "संघर्षशील योग्यताओं के लिए मैं ममता की प्रशंसा ही नहीं करती बल्कि इन गुणों के लिए मैं उनका सम्मान भी करती हूं। मेरी यह भी इच्छा नहीं है कि यह सरकार सत्ता से बाहर हो।" मीडिया के साथ सोमवार की अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए महाश्वेता ने कहा, "सम्भवत: मैंने जो कहा, 'क्या हम फासीवाद को वापस लाना चाहते हैं?' यह बयान सोच-समझकर दिया गया था, भावना में बहकर नहीं।
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