आयकर विभाग ने बैंक के लॉकर से धनबाद के एक ठेकेदार द्वारा बेनामी रूप से जमा कराई सौ करोड़ रुपए जब्त कर लिए हैं। आयकर विभाग ने गुप्त सूचना के बाद ठेकेदार के घर पर छापा मारा था। जहां उसे दस बैंक अकाउंट मिले। जांच के दौरान इनमें सौ करोड़ रुपए मिले। आयकर विभाग की टीम ने लालबाबू के चार्टर्ड एकाउंटेंट के आवास व ऑफिस और उनके निजी चालक पवन सिंह के घर पर भी छापे मारे। सीए के ऑफिस से कई कागजात जब्त किए गए। जिससे पता चला कि लालबाबू ने चल-अचल संपत्ति में भी काफी निवेश किया है।
आयकर विभाग को जानकारी मिली है कि लालबाबू को कुछ सफेदपोश लोगों का समर्थन मिला हुआ है। इनके माध्यम से उन्होंने करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्ति अर्जित की है। पर्दे के पीछे के इन सफेदपोश लोगों का भी आयकर विभाग पता लगा रहा है। बैंक में जमा पैसा लालबाबू के अलावा और किसका है, यह भी पता लगाया जा रहा है।
करोड़ों की संपत्ति का स्वामी लालबाबू सिंह बीसीसीएल के महाप्रबंधकों ने मिल कर पाला है। उन्हीं की मेहरबानी से इसने 35 साल की उम्र में ठेकेदारी के माध्यम से करोड़ों की संपत्ति अर्जित की। आयकर विभाग को भी छापेमारी से पहले इतनी बड़ी संपत्ति का खुलासा होने का अनुमान नहीं था। एक ठेकेदार के बैंक खातों से जब रुपए निकले तो निकलते ही गए। लालबाबू की संपत्ति का ब्योरा देख आयकर अधिकारी भी हतप्रभ रह गए। संपत्ति का अनुमान लगाने में पूरी रात बीत गई, तब भी संपत्ति का आकलन पूरा नहीं हो सका। लालबाबू सिंह की ठेकेदारी छह साल पहले कुस्तौर क्षेत्र से चमकी।
एक जीएम जो वर्तमान समय में कोयला भवन में ऊंचे ओहदे पर हैं, ने लालबाबू की जिंदगी बदल दी। उक्त जीएम का कार्यकाल (साल 2005 से 2008) में कुस्तौर क्षेत्र की ठेकेदारी में लालबाबू ने दबदबा बना लिया। छोटा से छोटा और बड़ा से बड़ा काम इसी की झोली में गिरा। लालबाबू के परिवार में ठेकेदारी शत्रुघ्न सिंह ने शुरू की थी। लालबाबू छह भाई हैं, जिसमें दो भाई बाहर रहते हैं। शेष चार भाई ठेकेदारी, जमीन से संबंधित कारोबार सहित अन्य व्यवसाय से जुड़े हुए है।
कुछ माह पहले लालबाबू सिंह के चालक पवन सिंह के खाते में करीब 15 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन किया गया था। इसकी सूचना किसी ने आयकर विभाग को दी थी। मुखबिर की बताई सूचना पर आयकर अन्वेषण विभाग ने जांच शुरू की। दो माह तक टीम ने लालबाबू के हर ट्रांजेक्शन पर नजर रखी। टीम ने लालबाबू सिंह के कथित चालक पवन सिंह के घर को भी खंगाला। यहां पर टीम को कोई विशेष कागजात हाथ नहीं लगे। लालबाबू सिंह के घर एवं उनके आवासीय कार्यालय पर छापेमारी में टीम को सफलता मिली। टीम को यहां जेवरात और कागजात मिले हैं। जिसकी जांच अभी चल रही है।

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