जयपुर पुलिस ने सोने में निवेश पर ठगी करने के आरोप में गोल्डसुख कम्पनी के दो निर्देशकों को गिरफ्तार किया गया. अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त करण शर्मा के अनुसार गोल्डसुख के निदेशक जगदीश शर्मा और रामेर प्रसाद को गुरुवार को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि ठगी के आरोप में कई लोगों से पूछताछ की जा रही है. सोने में निवेश के नाम पर इन लोगों ने करीब डेढ़ लाख लोगों को 300 करोड़ रूपए की चपत लगाई.
शर्मा के अनुसार गोल्डसुख के देश भर में सत्ताइस कार्यालय हैं जहां सोने के निवेश पर धन को एक सौ गुना अधिक की राशि देने का झांसा देकर लोगों को ठगा गया है. उन्होंने बताया कि राजस्थान में गोल्डसुख के आठ कार्यालय हैं. कंपनी के चार निदेशक नाटकीय ढ़ंग से फरार हुए. इसके लिए तीन पहले ही योजना बनाकर अपनी रकम हवाला के जरिए पहले ही बाहर भेज दी तथा सारी प्रॉपर्टी, कारें ठिकाने लगा दिए. निदेशक मानवेन्द्र, महेन्द्र व प्रमोद पहले नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी ओरो टे्रड में कार्यरत थे जबकि नरेन्द्र क्रेडिट कार्ड से रकम देने का काम करता था. चारों ने मिलकर गोल्ड सुख कंपनी खोली.
जैसे ही पैसे आने लगे इनके शौक भी महंगे होते गए. चारों ने करीब 70 लाख की चार मर्सडीज खरीदीं. 25-25 हजार रूपए के कपड़े रोजमर्रा पहनने लगे. एक निदेशक का मर्सडीज के विशेष नंबरों के लिए बड़ी बोली लगाना खासा चर्चा में रहा था. तीन माह पूर्व अचानक निदेशकों ने एक के बाद एक मर्सडीज बेच डाली. फिर कोठियां भी बेच दीं और किराए से रहने लगे. किसी को नया पता भी नहीं बताया. एक माह पहले कंपनी की अगली स्कीम 7 टू 11 मार्ट के लिए खरीदारी का झांसा देकर मानवेन्द्र गायब हो गया. भागने से पहले विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में अंकतालिका निकलवाने की जानकारी सामने आई है. फिर 5 नवम्बर को प्रमोद परिवार सहित गायब हो गया. महेन्द्र भी सात नवम्बर को निकल गया. निदेशकों के विदेश भागने की आशंका देखते पुलिस से लुकआउट नोटिस जारी, जयपुर समेत देश के सभी एयरपोर्ट को सूचना, पासपोर्ट और फोटो भी जारी किए हैं.

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