संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक संस्था यूनेस्को ने कहा है कि अमरीका की ओर से सहायता रोके जाने की वजह से फंड में कमी होने के बाद वह अपने नए कार्यक्रमों को अस्थाई रूप से रोक रही है.
यूनेस्को में फ़लस्तीनियों को सदस्यता का प्रस्ताव पारित हो जाने के बाद अमरीका ने यूनेस्को को दी जाने वाली सहायता राशि को रोकने की घोषणा की थी. यूनेस्को का कहना है कि इस कटौती की वजह से उसे 6.5 करोड़ डॉलर की राशि की कमी हो गई है.
यूनेस्को की महानिदेशक इरीना बोकोवा ने कहा है कि संस्था अब से लेकर दिसंबर तक के अपनी गतिविधियों की समीक्षा करेगी और तब तक कोई नया कार्यक्रम हाथ में नहीं लिया जाएगा. यूनेस्को की ओर से दुनिया भर में वैश्विक शिक्षा, विज्ञान प्रसार और प्रेस की स्वतंत्रता जैसे कई कार्यक्रम चलाता है.
पेरिस में यूनेस्को के एक सम्मेलन में इरीना बोकोवा ने कहा कि अमरीकी सहायता राशि में कटौती की वजह से संस्था के 2011 के बजट में 6.5 करोड़ डॉलर की कमी हो गई है. उन्होंने कहा, "हमें कड़े क़दम उठाने पड़ेंगे और ये क़दम तत्काल उठाने होंगे." यूनेस्को के प्रवक्ता ने कहा है कि प्राथमिकता वाले कार्य जारी रहेंगे और नौकरियों में कटौती का कोई प्रस्ताव इस समय नहीं है. अक्तूबर में यूनेस्को में फ़लस्तीनियों को सदस्यता का एक प्रस्ताव अमरीकी विरोध के बावजूद पारित हो गया था. इसके बाद अमरीका ने यूनेस्को को दी जाने वाली सहायता राशि रोकने की घोषणा कर दी थी.
यूनेस्को को मिलने वाली सहायता राशि में से 22 प्रतिशत अमरीका की ओर से दी जाती है. दरअसल अमरीकी क़ानून में ही ये प्रावधान है कि वह संयुक्त राष्ट्र की किसी ऐसी संस्था को सहायता मुहैया नहीं कर सकता जिसमें ऐसे किसी देश को पूर्व सदस्यता दे दी जाए, जिसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं है.
इरीना बोकोवा का कहना है कि अपने अनुबंधों, कर्मचारियों की संख्या, यात्राओं में होने वाले खर्च और संचार संसाधनों पर होने वाले खर्चों की समीक्षा करके इस वर्ष के बजट में यूनेस्को 3.5 करोड़ डॉलर तक की बचत कर सकता है. उनका कहना है कि 6.5 करोड़ की जो कमी हो रही है उसमें से सिर्फ़ तीन करोड़ की कमी रह जाएगी लेकिन 2012 के वित्तीय वर्ष में उसकी आर्थिक हालत खस्ता रहेगी.
अगर अमरीकी राशि नहीं मिलती है तो यूनेस्को को मिलने वाली धनराशि में 14.3 करोड़ डॉलर की कमी हो जाएगी. राष्ट्रपति बराक ओबामा यूनेस्को को सहायता जारी रखने के बारे में चर्चा कर रहे हैं लेकिन अमरीका की अपनी आर्थिक स्थिति के चलते उन पर विपक्षी रिपब्लिकन सांसदों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है. इरीना बोकोवा ने यूनेस्को के दूसरे सदस्य देशों से सहायता राशि मुहैया करवाने का अनुरोध किया है लेकिन उनका कहना है कि यह अस्थाई व्यवस्था ही हो सकती है और इससे काम नहीं चल सकता.

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