भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने 'गिफ्ट अ लाइफ' वेबसाइट का उद्घाटन करते हुए अंगदान करने की शपथ ली. इस अवसर पर गंभीर ने अंगदान की शपथ लेते हुए कहा कि वह भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल अपने साथी खिलाड़ियों को भी यह नेक काम करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे.
गंभीर ने गुरुवार को दिल्ली में अपोलो अंग प्रत्यारोपण संस्थान के ‘गिफ्ट अ लाइफ’ कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा, ‘मैं अपने नेत्र, दिल, यकृत और गुर्दे सहित उन सभी अंगों का दान करने की शपथ लेता हूं जिन्हें प्रत्यारोपित किया जा सकता है.’ बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा कि वह अपने साथी खिलाड़ियों से भी इस कार्यक्रम से जुड़ने के लिए कहेंगे. उन्होंने कहा कि अंगदान करने का मेरा फैसला था, क्योंकि मुझे लगता है कि इसके जरिये हम किसी व्यक्ति की जान बचा सकते हैं. मैं अपने अंगदान करने की शपथ खाकर समाज को संदेश देना चाहता हूं. गंभीर ने इस संबंध में तैयार की गई वेबसाइट भी लांच की.
गंभीर ने कहा कि साल में हजारों लोग अंग नहीं मिल पाने के कारण अपनी जान गंवाते हैं. मैं समझता हूं कि गिफ्ट अ लाइफ जैसी पहल से हम इस कमी को पूरा करके समाज का भला कर सकते हैं. इस अवसर पर अपोलो समूह के चिकित्सा निदेशक डा. अनुपम सिब्बल और अंग प्रत्यारोपण से जुड़े चिकित्सक भी मौजूद थे. एक प्रश्न के जबाव में युवा क्रिकेटर गंभीर ने कहा कि वह अंगदान के महत्व को भलीभांति तरीके से समझते हैं. मुझे उम्मीद है कि इस नेक कार्य में क्रिकेटर्स के साथ ही प्रिंट व इलेक्ट्रोनिक मीडिया की अहम् भूमिका हो सकती है.
ट्रांसप्लांट यूनिट के प्रमुख डा. सुभाष गुप्ता ने कहा कि इस अभियान के तहत हर वर्ग के लोगों को जोड़ा जाएगा. वर्ष 1994 में आरबो कानून बनाया गया, तब से देश में सिर्फ दो हजार लोगों को यह लाभ मिल पाया है.
अन्य देशों में जागरूकता के चलते यह संख्या कही ज्यादा है. हमें उम्मीद है कि इस अभियान से इस नेक कार्य में गति मिलेगी.

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