आईटी कंपनी को शर्मसार करके करोड़ो का चूना लगाने वाले सत्यम घोटाले में कंपनी के संस्थापक बी. रामालिंगा राजू, उनके भाई बी. राम राजू और कंपनी के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी वी. श्रीनिवास को आज देश की सर्वोच्च अदालत ने जमानत दे दी।
तीनों की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए देश की सर्वोच्च अदालत ने यह फैसला सुनाया। रामालिंगा राजू समेत तीनों की बेल मिलने के पीछे कारण सीबीआई का सभी के खिलाफ सबूत एकत्र ना कर पाना रहा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पांच अन्य आरोपियों को बीते 12 अक्टूबर को ही जमानत दे दी थी।
साल 2009 के जनवरी में सत्यम कंप्यूटर्स के अध्यक्ष रामालिंगा राजू ने घोटाले का खुलासा किया था। उस समय सत्यम घोटाला करीब दस हजार करोड़ रुपये का सामने आया था और भारतीय शेयर बाजार धाराशयी हो गया था। इस पूरे घोटाले ने आईटी बाजार को हिला कर रख दिया था।

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