सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के बढ़ते दाम और डॉलर के मुकाबले कमजोर पड़ते रुपये को देखते हुए पेट्रोल के दाम में 1.82 रुपये प्रति लीटर वृद्धि के लिये दबाव बनाया है।
तेल कंपनियों ने इससे पहले सितंबर में भी पेट्रोल के दाम बढ़ाये थे। हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के निदेशक, बी़ मुखर्जी ने मंगलवार को यहां संवाददाताओं को बताया मंगलवार से हमें पेट्रोल पर कुछ नुकसान हो रहा है, इसकी भरपाई के लिये हमें कीमत बढ़ानी पड़ सकती है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रहे हैं। दूसरी तरफ डॉलर तीन महीने में 46.50 रुपये से बढ़कर 49 रुपये के भाव पर पहुंच गया है। इससे तेल आयात की लागत और बढ़ गई है।
मुखर्जी ने कहा कि पेट्रोल पर कंपनियों को इस समय 1.50 रुपये प्रतिलीटर का नुकसान हो रहा है और स्थानीय शुल्क आदि लगाकर यह नुकसान 1.82 रुपये प्रति लीटर हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर हम अन्य तेल कंपनियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। हम इस सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं, हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि दाम कब बढ़ाये जा सकते हैं।

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