इनवेस्टर बिजनेस डेली ने गूगल के सीईओ लैरी पेज को उनकी उपलब्धियों को देखते हुए साल २०११ का बॉस ऑफ द ईयर घोषित किया है। २०११ सर्च इंजन गूगल के लिए एक बड़े बदलाव का साल रहा है और गूगल+ (प्लस) इस साल अपनी लांचिग के साथ फेसबुक से प्रतियोगिता कर रहा है।सोशल मीडिया में गूगल ने अपने आप को फेसबुक की टक्कर में जोरदार अंदाज में प्रस्तुत किया है और इस बात का क्रेडिट गूगल के युवा सीईओ लैरी पेज का जाता है।
लैरी पेज गूगल के लिए रोजाना की गतिविधियों के अलावा कपंनी में न्यू प्रोडक्ट डेवलपमेंट और तकनीकि रणनीति बनाने के लिए जाने जाते हैं। वे जब १९९८ में स्टैनफोर्ड विवि से पीएचडी कर रहे थे उसी समय उन्होंने अपने सहपाठी सर्गी ब्रिन के साथ मिलकर गूगल की स्थापना की थी।
लैरी पेज के माता पिता कम्पयूटर विज्ञान में प्रोफेसर थे। पेज को भी कंप्यूटर के प्रति रुची ६ साल की उम्र से शुरु हो गई थी। उनके बारे में चर्चित है कि वे अपने प्राथमिक स्कूल के पहले ऐसे बच्चे थे जिन्होंने वर्ड प्रोसेसर से अपना नियत कार्य पूरा किया। लैरी बचपन में चीजों को खोलकर देखने की खास जिज्ञासा थी कि आखिर वो काम कैसे करती है? उनकी इस रुची में उनके बड़े भाई ने भी खूब मदद की और ऐसा करने के लिए प्रेरित किया। लैरी पेज ने खुद अपने एक साक्षात्कार में कहा है कि बहुत कम उम्र मैं मैनें महसूस किया था कि मैं चीजों का अविष्कार करना चाहता हूं। इसलिए में प्रोद्योगिकी और व्यापार में दिलचस्पी लेने लगा। मैं जब १२ साल का था तब ऐसा लगा था कि एक दिन मैं एक कंपनी खोलूगां। दरअसल लैरी को एक ऐसा घर मिला था जहां कंप्यूटर और साइंस पत्रिकाएं घर के हर कोने में बिखरी हुई मिल जाती थी और लेरी का जुड़ाव इनसे बढ़ता गया।

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