महाराष्ट्र में 10 नगर निगमों और 27 जिला परिषदों के लिए वोटों की गिनती जारी है। अभी तक के मिले नतीजों में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को नुकसान होता दिख रहा है। 10 में से 8 महानगरपालिका में बीजेपी-शिवसेना आगे है, जबकि कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन सिर्फ दो में आगे चल रहा है। मुंबई और ठाणे में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन कांग्रेस-एनसीपी से आगे है, लेकिन दोनों जगहों पर उसे अपना महापौर बनाने के लिए मदद की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में राज ठाकरे किंगमेकर बन सकते हैं। पुणे महानगरपालिका में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन फिर काबिज होता दिख रहा है।
मुंबई में नगर निगम (बीएमसी) में सत्तारूढ़ शिवसेना-बीजेपी गठबबंधन 104, जबकि कांग्रेस-एनसीपी 67 सीटों पर आगे हैं। राज ठाकरे की एमएनएस 28 और अन्य 28 सीटों पर आगे है। 227 सीटों में से अब तक घोषित नतीजों में शिवसेना को 10, बीजेपी को 3, कांग्रेस को 4, एनसीपी को एक और एमएनएस को 4 सीट पर जीत हासिल हुई हैं। बीएमसी की मेयर श्रद्धा जाधव चुनाव जीत चुकी हैं। ठाणे में सभी 130 सीटों के नतीजे आ चुके हैं। शरद पवार की एनसीपी ने शिवसेना को अच्छा-खासा नुकसान पहुंचाया है। शिवसेना- बीजेपी गठबंधन 61, कांग्रेस-एनसीपी 52, एमएनएस 7 सीटों और अन्य 10 सीटों पर जीते हैं।
पुणे में एनसीपी, बीजेपी और कांग्रेस 3-3 सीटें जीत चुकी हैं। हालांकि, एनसीपी को यहां जोर का झटका लगा है। उसके निवर्तमान महापौर मोहन सिंह राजपाल चुनाव हार गए हैं। बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी के होम टाउन नागपुर में पार्टी अच्छा प्रदर्शन करती दिख रही है। अब तक 22 सीटों के रुझान मिले हैं, जिनमें से 12 पर बीजेपी और 5 पर कांग्रेस आगे है। एक-एक सीटों पर एनसीपी, शिवसेना और एमएनसी आगे है। यहां जिन 3 सीटों के नतीजे आए हैं, वे बीजेपी, कांग्रेस और एनसीपी की झोली में गए हैं। पिंपरी-चिंचवाड़ में एनसीपी दो-तिहाई बहुमत हासिल कर सकती है। यहां की 128 सीटों में से जितने के रुझान आए हैं उनमें एनसीपी 40, कांग्रेस 6, शिवसेना 7 और बीजेपी 2 सीटों पर आगे है। 10 नगर निगम के चुनाव कल हुए थे, जबकि 27 जिला परिषदों और 309 पंचायत समितियों में 7 फरवरी को वोट डाले गए थे।
.jpg)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें