विदेश मंत्रालय ने इटली के राजदूत को बुलाकर गोली बारी में मारे गए दो भारतीय मछुआरों वाली घटना पर विरोध दर्ज कराया, रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। केंद्रीय गृह सचिव आर.के. सिंह ने साफ कर दिया कि मामला दर्ज कर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन, खबर है कि जहाज के कैप्टन ने सहयोग करने से इनकार कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार इटैलियन जहाज के कर्मचारी कोस्ट गार्ड से सहयोग नहीं कर रहे हैं। जहाज के कैप्टन और क्रू मेंबर्स जल्द रवानगी चाहते हैं, जबकि सरकार ने साफ कर दिया है कि इस मामले में एआईआर दर्ज की जाएगी। गौरतलब है कि इटली के जहाज के सुरक्षाकर्मियों ने मछुआरों को समुद्री लुटेरे समझकर उनकी नौका पर बुधवार को गोली चला दी थी, जिसमें दो मछुआरों की मौत हो गई थी। अलापुझा तट से 14 समुद्री मील दूर इटली के मालवाहक जहाज 'एनरिका लेक्सी' के सुरक्षाकर्मियों ने इस घटना को अंजाम दिया। जहाज फिलहाल कोच्चि तट पर खड़ा है और पुलिस ने जांच के सिलसिले में इसके अधिकारियों को तलब किया है। मामले की जांच जारी है।
राज्य के मत्स्य पालन मंत्री के. बाबू ने कहा कि हम यह देखना चाहते हैं कि मामले का निपटारा कैसे किया जाता है। मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने मामले में विदेशी जहाज के शामिल होने की वजह से सभी जरूरी प्रक्रियाओं को ध्यान में रखकर गृह विभाग से मामला दर्ज करने को कहा। मछुआरे एक हफ्ते पहले कोलम से मछली पकड़ने के लिए समुद्र में उतरे थे। नौका के मालिक फ्रेड्डी भी उसमें मौजूद थे। उन्होंने बताया कि घटना बुधवार शाम 4.30 बजे की है और उसमें 11 लोग सवार थे। फ्रेड्डी तमिलनाडु से हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'गोलीबारी में मारे गए दो मछुआरों के अलावा सभी नौ मछुआरे घटना के वक्त सो रहे थे। गोलीबारी की आवाज सुनकर मैं जाग गया। मैंने दो मछुआरों को खून से लथपथ पाया। मेरे शोर मचाने पर अन्य मछुआरे भी जाग गए। लेकिन तब तक बहुत देर हो गई थी।' दोनों मृतक मछुआरों की लाश मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।

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