रेल बजट में यात्री किराये में बढ़ोतरी क्या हुई ममता बनर्जी ने मंत्रालय से उनका तत्काल टिकट ही कटा दिया और सरकार को भी अल्टिमेटम दे दिया है। ममता ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी कीमत पर किराये में बढ़ोतरी नहीं होने दी जाएगी। लगे हाथ उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को चिट्ठी भेजकर दिनेश त्रिवेदी को मंत्री पद से हटाने की सिफारिश कर दी। सूत्रों के अनुसार ममता ने अपनी चिट्ठी में त्रिवेदी की जगह तृणमूल सांसद मुकुल रॉय को रेल मंत्री बनाने की अनुशंसा की। देर रात त्रिवेदी ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री के पास भेज दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।
सूत्रों के मुताबिक, ममता को त्रिवेदी का वह बयान नागवार गुजरा जिसमें उन्होंने कहा था कि मेरी पहली जिम्मेदारी देश के लिए है। यह गलतफहमी है कि रेल मंत्रालय राइटर्स बिल्डिंग से चलता है। इससे पहले ममता का फैक्स मिलते ही प्रधानमंत्री आवास पर आपात बैठक हुई। इसमें मनमोहन सिंह के अलावा सोनिया गांधी, प्रणब मुखर्जी, पी. चिदंबरम, ए.के. एंटनी और कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल भी मौजूद थे।
ममता को मनाने के लिए कांग्रेस ने एक बार फिर अपने वरिष्ठ एवं अनुभवी नेता प्रणब मुखर्जी को मोर्चे पर लगाया। लेकिन, ममता टस से मस नहीं हुईं। ममता ने प्रणब साफ-साफ कह दिया है कि किराये बढ़ाने का प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया तो उनकी पार्टी कटौती प्रस्ताव पेश करेगी। प्रधानमंत्री के डिनर पार्टी में प्रणब सरकार की सहयोगी पार्टियों को पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि वे राष्ट्रपति के अभिभाषण या बजट पर संशोधन या कटौती प्रस्ताव पेश न करें, इससे सरकार गिर भी सकती है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय आंतकवाद रोधी केंद्र (एनसीटीसी) मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रपति के अभिभाषण में संशोधन लाने का प्रस्ताव दे चुकी थी। संयोग से तृणमूल कांग्रेस की तरफ से राष्ट्रपति के अभिभाषण के खिलाफ दिया गया संशोधन प्रस्ताव तकनीकी कारणों से खारिज हो गया है।
रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी को हटाने से यूपीए नेतृत्व खासा असहज तो है, लेकिन बढ़े किरायों को रोलबैक करना पड़ा तो उसके लिए ज्यादा दिक्कत होगी। ममता के मिजाज को समझते हुए कांग्रेस इस मसले पर उनसे कोई बात नहीं कर रही है। वह नए रेल मंत्री के लिए मन बना चुकी है। हालांकि, वह मान रही है कि बजट सत्र में उसके लिए असली चुनौती विपक्ष से नहीं, बल्कि अपने सहयोगियों से ही आने वाली है। बहरहाल, सरकार पर संकट के कयासों के बीच फिर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि उनके पास संसद में पर्याप्त संख्या है।
.jpg)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें